ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
कैराना में सांसद हुकुम सिंह के बयान की सत्यता की जांच के लिए पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। दो साल की वोटर लिस्ट खंगाली जा रही है। जिसमें पता लगाया जाएगा कि क्या कैराना से लोगों ने वास्तव में पलायन किया है।
दरअसल, भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने बयान दिया था कि कैराना से दो साल के भीतर 250 हिंदू परिवारों ने पलायन कर दिया है। पलायन का कारण कैराना और आसपास क्षेत्र में बढ़ते अपराध, अराजकता और गुंडागर्दी का माहौल बताया था।
साथ ही कहा था कि कश्मीर की तर्ज पर कैराना में साजिश के तहत हिंदुओं के साथ आपराधिक वारदातों की जा रही हैं, जिसमें पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। यह भी आरोप लगाया था कि गुंडागर्दी करने वालों को सपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इस सिलसिले में सांसद हुकुम सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय
गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करके कैराना तथा शामली के हालातों के बारे में अवगत कराया था। उधर, पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने भी इस बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। कैराना नगर की वर्ष 2013 और 2014 की वोटर लिस्ट का मिलान कराया जा रहा है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि यहां से कितने लोग बाहर चले गए। वहीं, स्थानीय लोगों से भी पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि कैराना से कितने लोग गए और जाने का क्या कारण रहा।