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Shamli News: क्यूआर कोड स्कैन करते ही गूगल करेगा अलर्ट, पता चलेंगे जिले के ब्लैक स्पॉट

Sun, 10 May 2026 01:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे समेत जिले के प्रमुख मार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अब हादसा संभावित स्थानों की पहले ही जानकारी मिल सकेगी। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए शामली पुलिस ने नई पहल शुरू की है। जल्द ही पुलिस की ओर से एक विशेष क्यूआर कोड जारी किया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही जिले के सात बड़े ब्लैक स्पॉट की जानकारी मोबाइल पर दिखाई देगी।
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इतना ही नहीं, यदि वाहन चालक का गूगल मैप ऑन होगा तो ब्लैक स्पॉट के नजदीक पहुंचते ही गूगल अलर्ट मैसेज देकर सतर्क करेगा। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह की पहल पर शामली पुलिस ने मार्गों को मैप से जोड़ने के लिए गूगल को प्रस्ताव भेजा था। पुलिस और गूगल के बीच इस योजना को लेकर सहमति बन चुकी है। आने वाले दिनों में जिले के मार्गों के सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट गूगल मैप पर अपडेट कर दिए जाएंगे, ताकि यात्रा के दौरान चालक पहले से सतर्क हो सकें। संवाद
पहल का कारण
जिले में कई ऐसे स्थान हैं जहां लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में हर साल लोगों की जान जा रही है। बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
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तीन श्रेणियों में बांटा
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। जिन स्थानों पर पिछले तीन वर्षों में 10 हादसे हुए हैं, उन्हें येलो जोन में रखा गया है। 10 से 20 हादसों वाले क्षेत्रों को ऑरेंज जोन और 20 से अधिक हादसों वाले स्थानों को रेड जोन में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में फिलहाल सात बड़े ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, जबकि अन्य हादसा संभावित क्षेत्रों को थाना स्तर पर चिह्नित करने का कार्य भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से सड़क हादसों में काफी कमी आएगी।

जिले के प्रमुख ब्लैक स्पॉट
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सिक्का पेपर मिल के पास, खंद्रावली पुल, सिंभालका बाईपास, टपराना चौराहा, बलवा कट, फव्वारा चौक और कैराना रोड।

हादसों पर लगेगा अंकुश
सामाजिक कार्यकर्ता अजय संगल और वीना अग्रवाल ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि लोग अलर्ट को गंभीरता से लेंगे और यातायात नियमों का पालन करें तो सड़क हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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