शामली। किसानों के नाम पर फर्जी खातों में रुपये ट्रांसफर करने के घोटाले की जांच करने लखनऊ से टीम गन्ना समिति कार्यालय पहुंची। टीम में गन्ना उपायुक्त के सहित कई अधिकारियों ने समिति के लेखा अभिलेखों की छानबीन कराई।
समिति के डायरेक्टरों ने इसकी शिकायत गन्ना आयुक्त से की थी, जिसके बाद घोटाला उजागर होने पर हड़कंप मच गया। गन्ना आयुक्त के आदेश पर ही जांच कमेटी गठित की गई। इसमें लखनऊ मुख्यालय से गन्ना उपायुक्त संजय गुप्ता, रीजनल ऑडिटर सुशील शर्मा, बिजनौर गन्ना समिति के सचिव धर्मेंद्र सिंह मंगलवार को गन्ना समिति शामली कार्यालय पर पहुंचे। यहां दिनभर लेखा अभिलेखों को खंगाला गया।
गन्ना उपायुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि वह लगातार शामली में प्रकरण की गंभीरता से जांच करेंगे। जांच पूरी होने पर साक्ष्य के तौर पर अभिलेख अपने साथ लखनऊ ले जाकर आयुक्त को रिपोर्ट सौंपेंगे। फिलहाल वह स्पष्ट नहीं कर सकेंगे कि मामले में किस स्तर पर अनियमितता हुई।
गन्ना समिति शामली के डायरेक्टर पुष्पेंद्र सहित अन्य लोगों ने आयुक्त को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि गन्ना समिति शामली में गन्ना भुगतान को लेकर धांधली की जा रही है। कुछ किसानों के नाम पर फर्जी खाते खोलकर उसमें धनराशि जमा की गई है, जो लाखों रुपये बनती है।
कई साल से यह खेल चल रहा है। प्रकरण सामने आते ही गुपचुप तरीके से समिति के खाते में रुपये जमा कराए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद प्रारंभिक तौर पर हुई जांच में एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद डायरेक्टरों ने मांग की कि प्रकरण में दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।