शामली। जिला अस्पताल की पैथोलोजी लैब में कंप्यूटर से बार कोड न निकलने से मरीजों के सैंपलों की जांच नहीं हो पाई। जांच बंद होने से मरीज परेशान रहे। दिनभर मरीजों को बिना जांच कराए वापस जाने को मजबूर होना पड़ा।
जिला अस्पताल में पैथोलोजी लैब में सोमवार दोपहर अचानक ऑटो एनलाइजर मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी। मशीन खराब होने से मरीजों की लिवर, गुर्दे व हृदय समेत कई तरह की जांच का कार्य करीब दो घंटे तक बंद रहा था। इंजीनियर ने पहुंचकर मशीन की तकनीकी खामी को दूर किया था। इसके बाद सैंपलों की जांच का कार्य शुरू हुआ था।
मंगलवार को कंप्यूूटर से बार कोड मिलना बंद हो गया। बार कोड को मरीज की पहचान के लिए गए सैंपल की शीशी व पर्चे पर लगाया जाता है। लखनऊ से अधिकृत कंपनी द्वारा वैद्यता की तिथि खत्म होने और नवीनीकरण न होने की वजह से बार कोड की समस्या बनी। बार कोड न मिलने के कारण मरीजों के सैंपल नहीं लिए गए।
बोले मरीज
गांव मस्तगढ़ निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि उसे बुखार आ रहा है। चिकित्सक ने रक्त की जांच कराने को कहा है। लैब में बताया गया कि आज सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। अब बिना सैंपल दिए वापस जाना पड़ेगा।
गांव कंडेला निवासी प्रदीप ने बताया कि वह सोमवार को भी रक्त की जांच कराने आया था, लेकिन मशीन खराब होना बताया गया। वह आज फिर जांच कराने आया, तो फिर से कंप्यूटर में खराबी बताकर जांच न होने की बात कही गई।
किट खत्म होने से काला पीलिया की नहीं हो रही जांच
शामली। जांच किट खत्म होने के कारण 15 दिन से काला पीलिया के मरीजों के वायरल लोड की जांच न होने से भी मरीज परेशान है। जिला अस्पताल में प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को मरीजों के सैंपल लेकर जसाला स्थित बीएसएल टू लैब में भेजे जाते हैं, लेकिन किट खत्म होने से सैंपलों की जांच नहीं हो रही है। करीब 300 सैंपल पेंडिंग है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जांच किट खरीदने का ऑर्डर संबंधित कंपनी को भेजा हुआ है। जल्द ही किट उपलब्ध होने पर जांच शुरू हो जाएगी।
पैथोलॉजी लैब में कंप्यूटर से बार कोड न मिलने के कारण जांच कार्य प्रभावित हो गया था। संबंधित कंपनी को अवगत कराया गया। दोपहर में समस्या का समाधान हो गया। - डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल