ऊन शुगर मिल का गेट खोलते प्रसन्न चौधरी और मिल मालिक।
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शामली की ऊन शुगर मिल का गेट बृहस्पतिवार को किसानों और मिल प्रबंधन के बीच लिखित समझौता होने पर खोल दिया गया। मिल प्रबंधन ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और किसानों पर दायर वाद को वापस लेने के संबंध में स्टाम्प पेपर पर समझौता लिखकर दिया।
ऊन शुगर मिल पर किसानों का 53 करोड़ रुपये बकाया है। 59 दिन तक किसानों ने शुगर मिल पर धरना दिया और मिल गेट भी बंद कर दिया था। इस वजह से शुगर मिल में गन्ना पेराई सत्र भी शुरू नहीं हो सका था। बुधवार को शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर राणा इंद्र प्रताप सिंह तथा महाप्रबंधक जीएस खेरा ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों की सभी शर्ते मान ली थीं।
इसी दौरान तय किया गया था कि बृहस्पतिवार को शुगर मिल का गेट खुलवा दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को ऊन शुगर मिल पर क्षेत्रीय किसानों के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पति प्रसन्न चौधरी, रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, योगेंद्र चेयरमैन सहित अन्य लोग पहुंचे। इस दौरान शुगर मिल प्रबंधन और किसानों के बीच लिखित समझौता हुआ। उसमें कहा गया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान 17-17 करोड़ रुपये की तीन किश्तों में किया जाएगा।
किश्तों का समय निर्धारित किया गया। साथ ही मिल प्रबंधन की ओर से किसानों के खिलाफ दायर वाद भी वापस लिया जाएगा। इस लिखित समझौते के बाद शुगर मिल का गेट खोल दिया गया। अब शुगर मिल प्रबंधन ने गन्ना पेराई कराने के लिए प्रक्रिया शुरू करा दी है। मजदूर और सीजनल कर्मचारियों को बुलाने, बायलर की सफाई और अन्य जरूरी कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद गन्ना पेराई शुरू कराई जाएगी।