शामली। जिला संभल निवासी पशु व्यापारी नरेश (40) व उसके बेटे भीमसैन (20) की हत्या कर शव शामली क्षेत्र के गांव काबड़ौत के जंगल में फेंक दिए। संभल पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मंगलवार को सड़ी गली अवस्था में पिता-पुत्र के शव बरामद किए। पिता-पुत्र दो अप्रैल की रात से लापता थे।
संभल जिले के धनारी थानाक्षेत्र के गांव भिरावटी (मजरा मलुआ) निवासी नरेश पशु व्यापारी थे और पिकअप गाड़ी भी चलाते थे। नरेश की पत्नी गीता द्वारा दर्ज कराई गुमशुदगी में बताया था कि दो अप्रैल की शाम करीब साढ़े सात बजे नरेश के पास फोन आया था, जिसके बाद दो लोगों ने उनकी पिकअप गाड़ी को बुक किया था।
नरेश अपने बेटे भीमसैन के साथ उन दोनों लोगों के साथ पिकअप गाड़ी लेकर गए थे। उस रात में करीब 10 बजे नरेश की बात उनके एक रिश्तेदार से हुई थी, तब उन्होंने अपनी लोकेशन दिल्ली रोड पर गढ़ टोल प्लाजा के पास बताई थी। उस समय भीमसैन गाड़ी चला रहा था। इसके बाद से दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। फोन बंद आने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने थाना धनारी पुलिस को मामले की जानकारी दी। तब से पुलिस मामले की जांच में जुटी थी।
एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि संभल पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने दोनों पिता-पुत्र की हत्या कर शव मेरठ-करनाल हाईवे पर खेत में फेंका जाना बताया था।
मंगलवार शाम को संभल पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव काबड़ौत के जंगल में हाईवे से करीब 100 मीटर अंदर राजेंद्र के खेत से बरामद हुए। इसकी जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और पंचनामा भरकर दोनों शवों को मोर्चरी में भिजवाया। संभल पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है।
मृतक नरेश का फाइल फोटो। पुलिस- फोटो : 1