-शामली रायफल क्लब पर योग प्रशिक्षण शिविर का दसवां दिन
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। क्रीड़ा भारती की तरफ से चल रहे एक मासीय निशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर के 10वें दिन योगाचार्य श्रीपाल सिंह धामा ने साधकों को भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया।
शामली रायफल क्लब पर सोमवार को आयोजित शिविर में योगाचार्य श्रीपाल सिंह धामा ने साधकों को भ्रामरी प्राणायाम के बारे में बताया कि किसी भी ध्यानात्मक आसन में बैठकर सांस को पूरा अंदर भर मध्यमा अंगुलियों से नासिका के मूल में आंख के पास से दोनों तरफ से थोड़ा दबाना चाहिए। मन को आज्ञा चक्र में केंद्रित रखें और अंगूठे से दोनों कानों को पूरा बंद कर लें। अब भरमर की भांति गुंजन करते हुए नाद रूप में ओम का उच्चारण करते हुए सांस को बाहर छोड़ दें। पुन: इसी प्रकार आवर्ती करें, तीन से पांच सेकेंड में सांस को अंदर भरना व विधि पूर्वक कान, आंख आदि बंद करके 15-20 सेकेंड में नाद के रूप में सांस बाहर छोड़ना चाहिए। एक भ्रामरी पूरा होने पर तुरंत पुन: इसी प्रकार अभ्यास करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को लगातार कम से कम पांच से सात बार यह प्राणायाम अवश्य करना चाहिए। इससे कैंसर, पार्किंसन, डिप्रेशन, माइग्रेन आदि असाध्य रोगों से ग्रसित रोगी या योग की गहराई में उतरने के इच्छुक साधक एक समय में 11 से 21 बार तक भ्रामरी प्राणायाम का निरंतर अभ्यास कर सकते हैं। इस अवसर पर मुकेश चौधरी, जबर सिंह, प्रधानाचार्य सुधीर राणा, डॉ. सुरेशपाल, दीपक गर्ग, चंचल गोयल, रामकुमार, कृष्णा कादियान, नेहा सिंघल, सविता सरोहा, मंजू आर्या आदि मौजूद रहे।