विधानसभा में धरना देते विधायक सुरेश राणा (फाइल फोटो)।
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शामली। प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए थानाभवन विधायक सुरेश राणा ने पांच साल तक सपा शासन काल में वेस्ट यूपी के किसान, व्यापारी और मजदूरों की समस्याओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से विधानसभा में उठाई। वहीं, खराब कानून-व्यवस्था पर भी प्रदेश सरकार को घेरने में पीछे नहीं रहे। यहां तक कि विधानसभा में धरना-प्रदर्शन करने वाले भाजपा विधायकों में भी वह आगे ही रहते रहे।
विधानसभा सत्रों के दौरान थानाभवन से भाजपा विधायक सुरेश राणा ने खासकर वेस्ट यूपी में किसानों की दुर्दशा को मुख्य मुद्दा बनाया। चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर प्रदेश की सपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते रहे, तो बिजली विभाग द्वारा किसानों का उत्पीड़न और क्षेत्र में प्रदूषित पेयजल को लेकर भी मुद्दा सवाल उठाए।
इतना ही नहीं ट्रैफिक जाम के अलावा अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ भी खूब हुंकार भरी। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बढ़ते अपराध और खराब कानून व्यवस्था पर सपा सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ा।
विधानसभा में सवाल उठाने के अलावा भी जनसभाओं और अन्य अवसरों पर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर उनके निशाने पर सपा सरकार रहती। कैराना पलायन प्रकरण को लेकर भी विधायक सुरेश राणा ने विधानसभा में सवाल उठाया था और खराब कानून व्यवस्था के कारण पलायन का मुद्दा उठाया।