शामली। आर्य समाज में 142वें स्थापना दिवस पर चल रहे तीन दिवसीय 31 कुंडीय विराट यज्ञ का समापन हो गया। कार्यक्रम में अच्छा कार्य करने वाले पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
रविवार को आर्य समाज मंदिर प्रांगण में स्थापना दिवस पर अंतिम दिन 31 कुंडीय विराट यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें 31 कुंडो पर बैठे 124 यज्ञमानों ने सपत्नि के यज्ञ में आहुति दी। जिसके बाद मेरठ से आए आचार्य वेदपाल आर्य ने कहा कि आर्य समाज का दृष्टिकोण विश्व व्यापी है।
ऋषि दयानंद ने भारतवर्ष में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी वेदों का प्रचार-प्रसार किया है। जिन्होंने अज्ञान का विनाश कर ज्ञान का प्रकाश किया है। आर्य समाज का सिद्धांत हमेशा सदाचार का मार्ग दिखाता है।
भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने भजनों के माध्यम से मार्गदर्शन किया। बाहर से आए अतिथियों का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। अंत में भंडारे का आयोजन भी किया गया। संचालन पूर्व मंत्री दिनेश आर्य ने किया।
इस दौरान नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल, जिला प्रधान रघुवीर सिंह आर्य, रवींद्र आर्य, बीरबल आर्य, अरविंद, मोहित, वेदप्रकाश आर्य, पूरण चंद आर्य, राजपाल आर्य, रामकुमार, रामेश्वर दयाल, नरेंद्र, संजय धीमान, मीरा आर्य, अवनी, अर्चना आदि मौजूद रहे।