बीएसएल-2 प्रयोगशाला में मात्र 20 सैंपलों की हो रही आरटीपीसीआर जांच
शामली। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन की देश में दस्तक होने से तीसरी लहर का अंदेशा जताया जा रहा है। जिले में बीएसएल-2 प्रयोगशाला चालू हो गई है, लेकिन एक दिन में मात्र 20 आरटीपीसीआर सैंपलों की ही जांच हो पा रही है। जबकि रोजाना लगभग एक हजार सैंपल लेने का लक्ष्य जिले को मिला है। आरएनए एक्सट्रक्शन प्लेट न मिलने के कारण मैन्युअल जांच हो रही है।
लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 नवंबर को जनपद के गांव जसाला में कोरोना की आरटीपीसीआर सैंपलों की जांच के लिए बीएसएल-2 प्रयोगशाला का वर्चुअल उद्घाटन किया था। उद्घाटन के 13 दिन बाद तीन नवंबर को प्रयोगशाला में सैंपलों की जांच मैन्युअल तरीके से शुरू हुई थी। आठ दिन बाद भी सैंपलों की जांच मैन्युअल हो रही है। जिस कारण एक दिन में मात्र 20 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो पा रही है। इसकी वजह प्रयोगशाला को आरएनए एक्ट्रक्शन प्लेट नहीं मिलना बताया गया है। यह प्लेट मशीन में लगाई जाएगी। इसके लगने पर सैंपलों की जांच ऑटोमेटिक तरीके से होगी।
प्लेट न मिलने के कारण आरटी पीसीआर जांच के लिए सैंपल मेरठ भेजे जा रहे हैं। देश में ओमिक्रॉन की दस्तक और आसपास के जिलों व राज्यों में कोरोना के केस मिलने से तीसरी लहर का अंदेशा जताया जाने लगा है। जिला नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. जगमोहन ने बताया कि बीएसएल-2 प्रयोगशाला में अभी 20 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच मैगनेटिक मैन्युअल तरीके से हो रही है। अभी तक आरएनए एक्ट्रक्शन प्लेट नहीं मिली है। यह प्लेट मिलने पर सैंपलों की जांच ज्यादा होगी।