शामली। बारिश से एलम बाईपास के पास एक पुलिया की सड़क धंस गई है। सड़क के बीच में दरार आने के साथ ही जगह-जगह में गड्ढे बन गए हैं। करीब आठ माह पहले तैयार हुए इस बाईपास में दरार आने से निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे का प्रथम चरण बागपत के खेकड़ा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस हाईवे से लेकर शामली के बलवा गांव तक पूरा हुआ है। मेरठ की कृष्णा कंपनी हाइवे का निर्माण कर रही है। आठ माह पूर्व दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे के एलम बाईपास का निर्माण कराया गया था। बुधवार से बृहस्पतिवार सुबह तक और शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद एलम बाईपास की पुलिया संख्या 49-एक के पास सड़क के बीच दरार आ गई है। पुलिया के पास जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।
लोगों का कहना है कि पहली बारिश में एलम बाईपास क्षतिग्रस्त हो गया तो आगे हाईवे कैसे सुरक्षित रह पाएगा। निर्माण करने वाली कंपनी की लापरवाही की पोल खुल गई है। युवा किसान नेता राजन जावला का कहना है कि एलम बाईपास बृहस्पतिवार को क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी पुलिया में पानी निकासी की व्यवस्था निर्माण एजेंसी द्वारा नहीं की गई है, जिससे सड़क में दरार आ गई, और गड्ढे बन गए हैं।
एलम बाईपास के जगह-जगह गड्ढे और सडक में दरार होने की जानकारी मेरठ की कृष्णा कंपनी को दी गई। मेरठ की कृष्णा कंपनी से जुड़े जितेंद्र बालियान ने बताया कि बारिश से एलम बाईपास की पुलिया की एप्रोज रोड धंस गई थी। पहली बारिश के बाद हाईवे और बाईपास का सेटलमेंट हो जाता है। हाईवे और बाईपास पूूरी तरह सुरक्षित है। पुलिया के पास क्षतिग्रस्त बाईपास की मरम्मत करा दी गई है।