शामली। जिले में दौड़ रहे ओवरलोड वाहन सड़कों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। हाइवे हो या फिर लिंक मार्ग, हर मार्ग के क्षतिग्रस्त है। आलम यह है कि कुछ समय पूर्व ही बनकर तैयार हुआ मेरठ-करनाल हाइवे भी जगह जगह धंस गया और क्षतिग्रस्त हो गया है। बावजूद इसके अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। नियमों का पालन करने में सख्ती नहीं बरती जा रही है।
दरअसल, शामली जनपद हरियाणा बॉर्डर से जुड़ा है। इस लिहाज से हरियाणा, पंजाब सहित कई प्रदेशों से माल वाहक वाहन शामली से होकर ही मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद और लखनऊ की तरफ रवाना होते हैं। एक तरफ पानीपत खटीमा हाइवे से वाहन आते हैं, तो मेरठ-करनाल हाइवे पर भी माल वाहक वाहनों की भीड़ रहती है। इसी वजह से शामली शहर में भी प्रमुख मार्गों पर दिन भर भारी वाहनों की आवाजाही रहने के कारण ट्रैफिक जाम तो
लगता ही है, साथ ही सड़कों की हालत भी खस्ता होती जा रही है।
शामली में रेलपार बाईपास तो गांवों के संपर्क मार्ग जैसा हो गया है। इसके अलावा मेरठ करनाल हाइवे पर जगह जगह गड्ढे हो गए हैं, तो कई स्थानों पर हाइवे की सड़क धंस भी गई है। सड़कों की हालत खराब करने में सर्वाधिक खनन वाले वाहन शामिल हैं। रेत, डस्ट और बजरी से लदे वाहनों की आवाजाही बढ़ने की वजह से जहां कहीं भी सड़क में छोटा गड्ढा होता है, वह चंद दिनों में बड़ा आकार ले लेता है और वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
ट्रक और डंपर में मिल रहा सर्वाधिक ओवरलोड
शामली। माल वाहक वाहनों में सबसे ज्यादा ट्रक और डंपरों में ओवरलोडिंग मिल रही है। डंपर में मानक से करीब 20 टन अधिक माल लाया जा रहा है। चेकिंग के दौरान 10 टायरा ट्रक में 25 से 30 टन अधिक माल मिल रहा है। इसका प्रमाण एआरटीओ द्वारा ओवरलोडिंग में पकड़े जा रहे वाहनों को तुलवाने पर सामने आ रहा है।
ओवरलोडिंग पर अंकुश्ा के लिए कमेटी गठित
शामली। भार वाहनों में ओवरलोडिंग की रोकथाम, अवैध वाहन संचालन और डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन ने भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक और एआरटीओ की कमेटी बनाकर ओवरलोडिंग की रोकथाम का निर्देश दिया। 10 अप्रैल तक शासन ने इस संबंध में कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है।
माल वाहक वाहनों के लिए नियम
वाहन प्रकार स्वीकृत वजन
6 टायरा ट्रक 16 टन 2 कुंतल
10 टायरा 25 टन
12 टायरा 31 टन
14 टायरा 35 टन 2 कुंतल
18 टायरा 40 टन 2 कुंतल
24 टायरा 49 टन
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ समय समय पर कार्रवाई होती है। मार्च माह के दौरान ही करीब 50 वाहनों को सीज किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े जाने पर ट्रक और डंपर पर 70 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना भी हो रहा है।
- मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ।
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शामली शहर क्षेत्र में सड़क क्षतिग्रस्त होने पर नगर पालिका परिषद को नोटिस भेजे गए हैं। वहीं, ओवरलोड वाहनों के कारण भी सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। क्योंकि मानक के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर 20 से 22 टन माल वाहक वाहन ही ठीक रहते हैं।
- एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।