शामली। बजट के अभाव में पिछले पांच साल में दो हाईवे को जोड़ने वाली 2.5 किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर की पश्चिमी दिशा की पटरी पर सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इस कारण शहर को जाम से मुक्ति नहीं मिली और लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने शहर को जाम से मुक्ति के लिए भैैसवाल गांव से लेकर करमूखेड़ी पुल तक दस किमी लंबाई की पूर्वी यमुनानहर की पटरी पर सड़क निर्माण के लिए 44 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई थी। पांच साल पूर्व शासन ने पूर्वी यमुना नहर सौंदर्यकरण की परियोजना स्वीकृत हुई थी। शासन से पांच साल में 44 करोड़ रुपये की परियोजना मेें 40 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। परियोजना में जिला मुख्यालय गोहरनी में विकास भवन और कलक्ट्रेट कार्यालय के बीच दो पुल, भैंसवाल गांव की सीमा से लेकर मुंडेट और बधेव पुल के बीच दोनों ओर पत्थर की लाइनिंग, सीमेंटेड डोला 3.75 मीटर चौड़ाई तक मिट्टी कार्य और सड़क का काम पूरा हो चुका है।
लेकिन अभी मेेरठ-करनाल हाईवे के नहर पुल से लेकर पानीपत-नगीना खटीमा हाईवे को जोड़ने वाले करमू खेड़ी नहरपुल तक ढाई किमी लंबाई तक पूर्वी यमुना नहर की पटरी पर सड़क बनाने का कार्य अधर में लटका है। पांच साल में ढाई किमी नहर की पटरी पर मिट्टी कार्य जरुर किया गया है लेकिन बजट के अभाव में नहर की पटरी पर सड़क कार्य नहीं हो पाया है। पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह राणा ने बताया कि दस किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर पटरी की परियोजना के लिए चार करोड़ रुपये की धनराशि अवशेष है। शासन से यह राशि मांगी गई है। 31मार्च के बाद शासन से अवशेष धनराशि अवमुक्त होने के बाद अधूूरी परियोजना का कार्य शुरू किया जाएगा।
नहीं हटे बिजली खंभे और तार
शामली। पूर्वी यमुना नहर खंड की पटरी से बिजली के खंभे और तारों की शिफ्टिंग के लिए बिजली विभाग को वर्ष 2016 में एक करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई थी। पांच साल बाद भी ढाई किमी लंबाई की नहर पटरी पर बिजली के खंभे और तारों की शिफ्टिंग नही हो पाई है। पूर्वी यमुना नहर के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह राणा का कहना है कि नहर की पटरी से बिजली खंभे और तार शिफ्टिंग के लिए डीएम-एसपी शामली, मुख्य अभियंता बिजली विभाग को अवगत कराया जा चुका है। कई बार बिजली विभाग को नोटिस भेजे जा चुके थे। पुन: बिजली विभाग को नोटिस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। संवाद