शामली। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। गर्मी में जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी से बचाव करना जरूरी है। उधर, गर्मी के कारण जिला अस्पताल में डायरिया और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।
जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक दो बार पहुंच चुका है। पिछले तीन दिन से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। गर्म हवा लोगोें की समस्या बढ़ा रही है। इस मौसम में व्यक्ति अगर लगातार धूप में गर्मी में रहता है तो उसे हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि हीट स्ट्रोक आमतौर पर तब होता है जब शरीर का तापमान अधिक हो जाता है और शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है। शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है। इस स्थिति में अगर घबराहट, बेचैनी, मतली, दौरे, बेहोशी जैसे लक्षण नजर आते है तो उसे तुरंत चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए। बेहोशी आना भी इसका प्रारंभिक लक्षण होता है।
उनका कहना है कि अभी हीट स्ट्रोक का वैसे तो कोई केस सामने नहीं आया है, लेकिन डायरिया और बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ओपीडी में रोजाना 40-50 मरीज आ रहे हैं। इस तरह के केस गर्मी के कारण आ रहे हैं। इसलिए गर्मी से बचाव करना जरूरी है। तेज धूप में बाहर न निकलने से बचे। खासतौर से दोपहर के 12 बजे से तीन बजे तक घर के अंदर ही रहना बेहतर है।
लक्षण
तेज सिरदर्द होना।
चक्कर आना और सिर घूमना।
गर्मी होने पर भी पसीना न आना।
लाल, गर्म और सूखी त्वचा होना।
मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन महसूस देना।
जी मिचलाना व उल्टी होना।
धड़कन का तेज होना।
सांस लेने में परेशानी होना।
घबराहट, बेचैनी व दौरे आना।
बेहोशी आना।
लक्षण नजर आने पर ये करें
- मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाएं।
- मरीज को ठंडे स्थान पर रखें।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं।
- धीरे-धीरे शरीर को बर्फ के पैक से ठंडा करें।
बचाव
- ठंडे पानी से स्नान करें और पर्याप्त मात्रा में आराम करें।
- हल्का व तरल पौष्टिक भोजन ले।
- मौसमी फल ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, नारियल, बेल का सेवन करें।
- शर्बत, शिकंजी, छाछ व अन्य तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहने।
- धूप से बचाव के लिए छाता या टोपी लगाए।
- कोई समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
गर्मी से पीड़ित मरीजों के लिए 12 बेड का लू वार्ड बनाया गया है। वार्ड में सभी जरूरी दवाइयां और उपचार की व्यवस्था है। अभी तक लू से पीड़ित मरीज भर्ती नहीं हुआ है।
- डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल शामली