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बुराइयों और निंदा का त्याग करना ही उत्तम त्याग धर्म

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शामली। पर्यूषण पर्व के आठवें दिन इंद्र ध्वज विधान में उत्तम त्याग धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भगवान महावीर स्वामी, शांति नाथ भगवान और पार्श्वनाथ भगवान का अभिषेक इंद्र-इंद्राणियों द्वारा किया गया।
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मंगलवार को तालाब रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर जिनालय में सुबह छह बजे से लेकर दोपहर साढ़े बारह बजे तक श्री इंद्रध्वज विधान की विधि-विधान से पूजन अर्चना की गई। इस मौके पर भगवान महावीर स्वामी, भगवान पार्श्वनाथ, शांतिनाथ भगवान का अभिषेक और पूजन राजस्थान से आए पंडित प्रवीण कुमार जैन ने संपन्न कराया। उन्होंने उत्तम त्याग धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष सुदेश जैन, मंत्री राजेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, योगेश जैन, श्रवण जैन, धन प्रकाश जैन, अनिता जैन, रेखा जैन, मोहित जैन अलका जैन, अर्चना जैन, नरेश जैन, बाला जैन, जेेके जैन, मोहित जैन, सलेक चंद जैन, तरुण जैन मौजूद रहे।
उधर, शहर के जैन मोहल्ले में जिनालय में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से आए पंडित शरद कुमार बनारसी ने उत्तम त्याग धर्म का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि उत्तम त्याग धर्म में समाज की बुराइयां और निंदा का त्याग करना है। इस मौके पर श्रीजी का अभिषेक इंद्र-इंद्राणियों ने किया। इस मौके पर आलोक जैन, श्रवण कुमार जैन, सुभाष चंद जैन, प्रवीण कुमार जैन, कमल जैन, राजीव कुमार जैन, जेके जैन, रवि जैन, सचिन जैन, मंयक जैन, मनीषा जैन, डोली जैन इंद्र इंद्राणी मौजूद रहे।
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