कैराना। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज (ससंघ) ने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म मानवता है। हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई सभी धर्म हिंसा फैलाने या फिर सौहार्द बिगाड़ने की इजाजत नहीं देते हैं। हमें समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। महाराज बृहस्पतिवार को कस्बे के जैन धर्मशाला त्यागी भवन में जैन समाज की ओर से आयोजित व्यापारी, शिक्षक और सामाजिक प्रतिनिधि संयुक्त सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता वाली है। इसे कोई भी नष्ट नहीं कर सकता है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। देश की सबसे बड़ी पहचान ईमानदारी और प्रमाणिकता है। यहां सभी धर्मों को आजादी से रहने की इजाजत दी गई है। कट्टर मुस्लिम या फिर कट्टर हिंदू होगा, तो वह अपनी इबादत नहीं छोड़ता है।
उन्होंने कहा कि किसी को सताना नहीं चाहिए, किसी को गलत दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कट्टर मुसलमान होगा, वो कभी सूद नहीं खा सकता है। हजरत मोहम्मद साहब के सिद्धांत हैं कि तमाम बुराइयों और नशाखोरी से बचें। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में तनावमुक्त रहने के लिए अच्छे विचारों को अपनाना चाहिए। कार्यक्रम में पहुंचे चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने कहा कि महाराज जी का समय उन्हें भी चाहिए, ताकि हम भी उनकी सेवा कर सकें और कुछ दिशा-निर्देशों पर अमल कर सके।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ ने कहा कि मां-बाप की सेवा करो और बच्चों के अंदर अच्छे संस्कार भरो। किसी की बुराइयों पर ध्यान मत दो। बार एसोसिएशन के महासचिव नसीम अहमद ने कहा कि जब तक शिक्षा पर ध्यान नहीं दोगे, तब तक कामयाबी हासिल नहीं हो सकती। जातिवाद से अलग हटकर हर पीड़ित की मदद करनी चाहिए। सभासद शगुन मित्तल एडवोकेट ने कहा कि शिक्षा का अभाव की समाज की दुर्दशा का कारण है। नशाखोरी को हमें जड़ से मिटाना होगा। इनके अलावा इंतजार अहमद एडवोकेट, खड़क सिंह चौहान एडवोकेट, जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाध्यापिका सुदा वर्मा आदि ने भी अपना संबोधन किया। कार्यक्रम के दौरान तमाम अतिथियों का जैन समाज द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर से मदन सिंह, डीके से राजकुमार, संजीव, विनोद कुमार, रणपाल, विकास शर्मा, जैन समाज के अध्यक्ष प्रद्युमन जैन, नीरज कुमार जैन, नितिन कुमार जैन आदि मौजूद रहे।