कैराना। कथा व्यास अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि हृदय की गंदगी दूर करने पर ही परमात्मा का प्रेम मिलता है।
श्री हरिनारायण कृपा धाम सेवा समिति के तत्वाधान में ग्राम डूंडूखेड़ा में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि आत्मा सदैव एकरस रहती है। आत्मा का आवागमन नहीं होता, केवल शरीर का ही आवागमन होता है। प्रकृति में हर वस्तु की उपयोगिता है। हमें हर किसी के अंदर कमियां नहीं, खूबियां ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए। भागवत में परमात्मा कहते हैं यदि अत्याचार, दुराचार को छोड़कर तू मेरी शरण में आता है तो मैं तुझे पार उतार दूंगा।
तेजस्वी चौधरी, शुभम गोयल, मनोज तायल, सुभाष चंद, भूपेंद्र शर्मा, मोहकम सिंह, रामकिशन, पंडित राधे किशन, पंडित रामफल शर्मा, प्रदीप कौशिक, कंवर सिंह, धर्मपाल सिंह, ब्रहमपाल आदि मौजूद रहे।