शामली। गायक अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। कनाडा और अमेरिका में बैठे गोगी गिरोह के दो सदस्यों चिराग और मोंटी के खिलाफ जल्द ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है। पुलिस अब विदेश में छिपे गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जाएगा। इसके लिए आलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस की एक टीम दिल्ली हवाई अड्डे पर भी भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि विदेश में बैठे गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अंकित की हत्या‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान गाने... की रंजिश में की गई थी। पुलिस के अनुसार, अंकित का यह गाना गोगी गिरोह को चिढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया था। इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई थी। हत्याकांड में भोलू का भतीजा चिराग कनाडा में और मोंटी अमेरिका में छिपा है।
-हत्याकांड की पृष्ठभूमि और पूर्व कार्रवाई
अंकित हत्याकांड के बाद पुलिस ने गोगी गिरोह के दो इनामी सदस्यों को मुठभेड़ में मार गिराया था। सोनीपत निवासी सुमित और मोहित पर पचास-पचास हजार रुपये का इनाम था। पुलिस ने खुलासा किया था कि गोगी गिरोह ने सोनीपत और करनाल के चार शार्प शूटरों को सुपारी देकर अंकित की हत्या कराई थी। गोगी गिरोह का सरगना भोलू अंकित को टिल्लू गैंग का सदस्य मानता था। पुलिस आरोपियों के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर जारी कर चुकी है। इसके जरिये देश के हवाई अड्डों समेत अन्य स्थानों पर आरोपियों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
-यूरोप में एक और सदस्य की पहचान
जांच में सामने आया है कि गोगी गिरोह का एक और सदस्य यूरोप में बैठा है। यह सदस्य स्नैपचैट के जरिये गिरोह के अन्य सदस्यों से लगातार बातचीत कर रहा है। पुलिस के अनुसार, यह सदस्य मोंटी, चिराग और भोलू से अलग है। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और उसके बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस जल्द ही उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
-रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण क्या है
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल के माध्यम से जारी किया जाता है। यह किसी फरार आरोपी को दूसरे देशों में तलाशने और उसकी अस्थायी गिरफ्तारी के लिए एक अनुरोध होता है। प्रत्यर्पण अनुरोध उस देश से किया जाता है जहां आरोपी छिपा होता है। इसके तहत कानूनी प्रक्रिया के जरिये आरोपी को भारत लाने की मांग की जाती है। यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत की जाने वाली एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है।