शामली। जिले के शहरी क्षेत्रों में आधार कार्ड से लिंक वाले राशन कार्ड धारकों को पाइंट आफ सेल्स (पीओएस) मशीनों के माध्यम से जून में खाद्यान्न मिलेगा।
इसमें उपभोक्ताओं को अपना कोड डालना पड़ेगा। जिसमें उनकी यूनिट संबंधी ब्यौरा सामने आएगा। राशन कार्ड धारक को अंगूठा लगाने के बाद खाद्यान्न मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में 117 पीओएस उपलब्ध हो गई हैं।
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शहरी क्षेत्रों शामिल एलम, बनत, गढ़ीपुख्ता, जलालाबाद, झिंझाना, कांधला, कैराना, शामली, थानाभवन और ऊन नगर पंचायतों में दो लाख 31 हजार 903 लाभार्थी पात्रता की सूची में शामिल हैं। 47 हजार 672 राशन कार्ड उपलब्ध हैं।
10 हजार 260 उपभोक्ता अंतोदय की श्रेणी वाले पात्रों के पास 2205 राशन कार्ड हैं। जिसमें शहरी क्षेत्र के राशन उपभोक्ताओं को आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय ने बताया कि पीओएस के संचालन के राशन डीलरों को इंजीनियरों की टीम जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण देगी। राशन डीलरों को प्रशिक्षण के बाद यह सौंप दी जाएगी। जून माह में शहरी क्षेत्रों में इसके द्वारा उपभोक्ताओं को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
शहरी- ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्डों का खुली बैठकों में सत्यापन किया जा रहा है। अपात्रों का राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि राशन कार्ड उपभोक्ताओं को कोड दिया जाएगा। उपभोक्ता का कार्ड डालकर कोड डाला जाएगा। जिसके बाद संबंधित उपभोक्ता का ब्यौरा सामने आएगा। बाद में मशीन में घर के मुखिया महिला का अंगूठा लगने और मिलान के बाद खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। अंगूठा का मिलान न होने की स्थिति में खाद्यान्न नहीं मिलेगा।