शामली/चौसाना। पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के बाद हथनी कुंड से छोड़े गए 94 हजार क्यूसेक पानी से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में एक मीटर से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है।
मंगलवार शाम चार बजे तक कैराना यमुना पुल पर 230 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया। वहीं नाई नंगला में यमुना नदी की ठोकरें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, आसपास के गांवों की भूमि का कटान होने लगा है।
सोमवार दोपहर हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर जिले में मंगलवार को दिखाई देने लगा। केंद्रीय जल आयोग के प्रतिनिधियों ने दावा है कि यमुना का जलस्तर खतरे के चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। बढ़ते जल स्तर ने चौसाना बिड़ौली क्षेत्र के भड़ी, साल्हापुर, नाई नंगला, कलरी गांव में ठोकरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
यमुना के आसपास के गांवों की भूमि का कटान शुरू हो रहा है। नाई नंगला गांव के खेतों की ओर पानी बढ़ रहा है। उधर, हथनीकुड बैराज से सुबह छह बजे यमुना में 41 हजार 331क्यूसेक, सात बजे 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है।
मंगलवार को छोड़ गए पानी का असर बुधवार को होगा। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि यमुुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ठोकरों, कटान से बचाने के लिए लकड़ियों, बांस, बल्लियों और मिट्टी से भरे कट्टों का मचान बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
केंद्रीय जल आयोग के कार्य कुशल सहायक अजय पाल ने बताया कि सुबह 8:30 बजे यमुना पुल के नीचे से पानी बहने की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा नापी गई। उधर, डीएम ने बताया कि ड्रेनेज खंड एंव सिंचाई विभाग के अफसरों को अलर्ट कर दिया है।