- कैराना नगर पालिका स्वच्छता सर्वेक्षण रैंक में प्रदेश में 665 रैंक पर खिसकी, नगर पंचायत ऊन को प्रदेश में 640वीं रैंक मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/कैराना। शामली जिले की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की सफाई व्यवस्था की पोल एक बार फिर से खुल गई है। केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में जिले के अधिकतर नगर निकायों की रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा कैराना नगर पालिका को लेकर सामने आया है। वर्ष 2023-24 में प्रदेश स्तर पर इसकी रैंक 36 थी, जो इस बार गिरकर 665 पर पहुंच गई। राष्ट्रीय स्तर पर भी रैंक गिरकर 569 हो गई है। ऊन नगर पंचायत को ऊन नगर पंचायत 640 और 1044 रैंक मिली। ऊन जिले में सबसे पीछे रही।
नगर क्षेत्र में घर-घर से कूड़ा न उठाना, शौचालयों की सफाई में लापरवाही, पॉलिथीन पर नियंत्रण न होना, तालाबों की गंदगी और नालियों की दुर्दशा इस गिरावट की प्रमुख वजह हैं।नगर पंचायत ऊन को प्रदेश में 640वीं और राष्ट्रीय स्तर पर 1044वीं रैंक मिली है।
शामली नगर पालिका की रैंकिंग में सुधार दर्ज हुआ है। उसे इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 242वीं और प्रदेश में 200वीं रैंक मिली है, जबकि पिछले साल ये क्रमश: 287 और 242 थी।
- जिले की नगर पालिका/नगर पंचायतों की रैंकिंग (2024-25)
निकाय
प्रदेश रैंक
राष्ट्रीय रैंक
शामली नगरपालिका
200
242
कैराना नगरपालिका
665
569
कांधला नगरपालिका
260
451
थानाभवन नगर पंचायत
51
158
एलम नगर पंचायत
576
901
बनत नगर पंचायत
446
660
झिंझाना नगर पंचायत
573
895
जलालाबाद नगर पंचायत
311
495
गढ़ीपुख्ता नगर पंचायत
575
897
ऊन नगर पंचायत
640
1044
- सर्वेक्षण में किन बिंदुओं पर होती है रैंकिंग?
कचरा संग्रह और परिवहन
कचरा निपटान और प्रसंस्करण
खुले में शौच से मुक्ति
नागरिक भागीदारी
सफाई सेवाओं की गुणवत्ता
सामुदायिक स्वच्छता
जल निकायों की देखरेख
हरित क्षेत्र विकास
यह बोले लोग
- पालिका में सिर्फ नेतागिरी बची है। कांवड़ मार्ग पर पानी भरा है। तालाबों पर कूड़े के ढेर हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। - अनिल चौहान, निवासी कैराना
- सार्वजनिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। नगर में सफाई नाम की चीज़ नहीं है। - डॉ. सपन गर्ग
- पालिका में गुटबाजी हावी है। किसी को शहर की चिंता नहीं। - विपुल जैन, व्यापार मंडल अध्यक्ष
- पालिका पूरी तरह निष्क्रिय है। न सफाई हो रही है, न विकास। - एडवोकेट नसीम अहमद
- पालिका की निष्क्रियता से जनता परेशान है। अध्यक्ष और सभासदों को फील्ड में उतरना होगा। - शगुन मित्तल, अधिवक्ता
नवाब तालाब का प्रोजेक्ट शासन को भेज दिया गया है। अभी सफाई नहीं हुई है। कुछ शौचालय निर्माणाधीन हैं। साथ ही इस बार 50,000 तक की आबादी वाले निकाय भी शामिल किए गए, जिससे हमारी रैंक प्रभावित हुई। - समीर कुमार कश्यप, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका कैराना
- सभी नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साफ-सफाई और अन्य बुनियादी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी शामली