दाल और खाद्य तेल ने बिगाड़ा रसोई का बजट
कैराना। कोरोना संक्रमण काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों पर महंगाई कहर ढहा रही है। दाल एवं खाद्य तेलों की महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बीते वर्ष के मुकाबले दलों के दाम में 20 से 25 प्रतिशत तक उछाल आ गया है।
अरहर और उड़द समेत कई दालें सौ रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें ऊपर से ही दालें महंगी मिल रही हैं। पिछले कुछ समय में दाल के दाम तेजी से बढ़े हैं। उधर, गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों के साथ दाल भी महंगी हो गई है। अब दाल-रोटी खाना भी मुुश्किल हो गया है। महंगाई के चलते रसोई का बजट चरमरा गया है।
- एक तो कोरोना के कारण जनता का रोजगार कम हो गया। दूसरे रसोई में हर समय काम आने वाली सभी तरह की दाल, राजमा, सरसों का तेल आदि सब मंहगे हो गए हैं। सीमित आय में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। - सोनिया धीमान, मोहल्ला आलकला
- पिछले साल दालें और तेल आदि सबका भाव सही था, लेकिन इस बार सभी दालों के दाम बढ़ गए हैं। रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। सरकार को रोजमर्रा रसोई में काम आने वाली खाद्य सामग्री के दामों पर लगाम लगानी चाहिए। - अलका रानी, जोड़िया कुआं
- कोरोना संकट के कारण करीब चार माह तक सभी का रोजगार पुरी तरह ठप रहा। लोगों के पास पैसों की कमी है। ऊपर से ये दाल और खाद्य तेलों के भाव बढ़ गए। सरकार को जनहित में खाद्य पदार्थों के दामों को कम करना चाहिए। - प्रभा रानी, टीचर्स कालोनी
- पिछले साल दालों व खाद्य तेल आदि के भाव ठीक थे लेकिन इस बार भाव बढ़ गए हैं। गरीबों को दाल व सरसों का तेल खरीदने में परेशानी हो रही है। - अनुराग मित्तल, जोड़िया कुआं
दाल व खाद्य तेल के भाव
सामग्री वर्तमान दाम - एक साल पहले के दाम
दाल उड़द-- 140 रुपये किलो - 110 रुपये किलो
दाल अरहर -- 100 रुपये किलो -- 80 रुपये किलो
दाल मूंग -- 100 रुपये किलो -- 90 रुपये किलो
दाल मलका -- 80 रुपये किलो -- 60 रुपये किलो
दाल चना -- 70 रुपये किलो -- 60 रुपये किलो
दाल मसूर- 90 रुपये किलो -- 80 रुपये किलो
राजमा -- 100 रुपये किलो --- 90 रुपये किलो
तेल रिफाइंड --- 1550 प्रति 15 किलो--- 1300 रुपये प्रति 15 किलो
तेल सरसों -- 1700 रुपये प्रति 15 किलो-- टीन 1200 रुपये प्रति 15 किलो
प्रभा रानी- फोटो : SHAMLI
अलका रानी- फोटो : SHAMLI
सोनिया धीमान- फोटो : SHAMLI