शामली। किसानों की समस्याओं पर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तो डीएम सुजीत कुमार भड़क उठे। उन्होंने किसानों का ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। किसानों ने डीएम पर उनकी आवाज को दबाने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
बुधवार को भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बताया कि किसानों को बकाया गन्ना मूल्य नहीं दिया जा रहा है, चीनी मिल मालिक मनमानी कर रहे हैं, जबकि किसानों की हालत लगातार खराब हो रही है। सपा सरकार ने 2012 के विधानसभा चुनाव में किसानों से कई वादे किए थे, लेकिन एक भी पूरा नहीं किया। किसानों के लिए आयोग बनाने, उपज की सरकारी खरीद की उचित व्यवस्था कराने, फसल बीमा पर सब्सिडी देने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने और बीज वितरण व उपकरण देने की समुचित व्यवस्था का वादा पूरा नहीं हो सका।
अगर जल्दी ही प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। इस दौरान दुष्यंत पुंडीर, जगपाल सिंह करोड़ी, प्रवीण राणा, सुरेंद्र सिंह, पोपिन, महिपाल सिंह, देशपाल सिंह, जितेंद्र कुमार, डॉक्टर भूपेंद्र, विनोद सिंह, अरुण शर्मा, ब्रजमोहन आदि मौजूद रहे।
उधर, अरविंद कुमार का आरोप है कि डीएम ने ज्ञापन देने गए किसानों के साथ दुर्व्यवहार कर सभी का अपमान किया है। इस बारे में संगठन के शीर्ष नेताओं को अवगत करा दिया है। शीर्ष नेतृत्व से दिशा निर्देशन पर मामले में आंदोलन किया जाएगा।
हंगामा बढ़ने पर बुलाई फोर्स
कलक्ट्रेट में जब डीएम ने ज्ञापन लेने से इनकार किया तो किसानों ने नारेबाजी के साथ हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते पुलिस अधिकारियों को कॉल करके कलक्ट्रेट में फोर्स बुलवाई गई। आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, मगर तब तक मामला शांत हो चुका था।