इन्हीं कार्रवाइयों के खिलाफ कार्यकर्ता 43 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। शनिवार को समाधान दिवस में भी समिति ने आवाज बुलंद की।
कार्यकर्ताओं की मांग है कि विद्युत विभाग द्वारा दर्ज मुकदमे और लगाए गए जुर्माने वापस लिए जाएं। यदि नहीं लिए जाते तो कस्बेवासियों की तहरीर पर भी मुकदमे दर्ज किए जाएं। बिना नोटिस किसी भी उपभोक्ता का विद्युत कनेक्शन न काटा जाए।
जिलाधिकारी ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन समिति ने धरना खत्म करने से इनकार करते हुए सोमवार से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा शामिल रहे।