शामली। अब दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन का निर्माण आगरा हाइवे की तर्ज पर प्राइवेट कंपनी कराएगी। फोरलेन के लिए निर्माण एजेेंसी टेंडर की औपचारिकता 14 दिसंबर तक पूरी कर सकेंगी।
दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन निर्माण के लिए हैदराबाद की प्राइवेट कंपनी एसईडब्लू को सात साल पूर्व नामित किया गया था। यह कंपनी सिर्फ चार साल में पुलियाओं का निर्माण ही करा पाई थी। फोरलेन की सभी औपचारिकता वर्ष 2014 में पूरी हो गईं, तो वह फोरलेन का कार्य अधूरा छोड़कर भाग गई। दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग की खस्ता हाल होने का मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चला गया था।
न्यायालय ने इस मार्ग की मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदारी दी गई थी। शासन ने इस मार्ग के लिए धनराशि जारी कर मार्ग की मरम्मत कराकर चलने लायक बनाया था।
उत्तर प्रदेश राज्य राज मार्ग प्राधिकरण ने बीते साल निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। 16 जुलाई को निर्माण एजेंसी का जवाब न आने पर 25 जुलाई को एजेंसी का टेंडर समाप्त कर दिया गया। पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि फोरलेन का निर्माण कराने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य राज मार्ग प्राधिकरण गाजियाबाद के महाप्रबंधक शिवकुमार अवधिया ने बताया राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में दिल्ली से लेकर
सहारनपुर जिले की सीमा तक 207 किमी दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन का निर्माण होगा। देश की कई प्राइवेट कंपनियों को फोरलेन निर्माण के लिए आमंत्रित किया गया है।
14 दिसंबर तक निर्माण एजेंसी टेंडर, डिजाइन खरीदने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकती हैं। 15 दिसंबर को निर्माण एजेंसी अपना टेंडर डाल सकती हैं। फोरलेन का निर्माण आगरा-लखनऊ हाईवे पद्धति पर कराया जाएगा। 16 दिसंबर के बाद फोरलेन निर्माण एजेंसी की जानकारी हो पाएगी कि फोरलेन का निर्माण कौन एजेंसी करेगी।