ऊन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर किसानों का धरना 58वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे किसानों और मिल मालिक के बीच वार्ता दूसरे दिन भी विफल रही। इसके बाद किसान मिल को पूर्ण रूप से बंद कराने की मांग पर अड़ गए और हंगामा कर दिया।
ऊन चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर 58 दिन से धरना दे रखा है। सोमवार को किसानों के बीच पहुंचकर मिल मालिकों ने बकाया भुगतान 53 करोड़ रुपये में से 10 करोड़ रुपये देने की बात कही थी, लेकिन धरने पर बैठे किसानों ने 20 करोड़ रुपये देने की मांग की थी। मंगलवार को किसानों ने 27 सदस्यों की कमेटी मिल मलिक से वार्ता करने के लिए मिल परिसर में गई।
कमेटी ने मिल मलिक के सामने बकाया भुगतान में से 20 करोड़ रुपये की पहली किश्त आठ दिन में और शेष भुगतान 31 दिसंबर को देने की बात कही। जिस पर मिल मालिक इंद्र प्रताप राणा ने सहमति नहीं दी।
उन्होंने बकाया भुगतान में से केवल 10 करोड़ रुपये तत्काल और बाकी भुगतान मिल चलने के बाद ही किसानों को देने की शर्त कमेटी के सामने रखी। गुस्साए किसानों ने मिल को पूर्ण रूप से बंद करने की घोषणा कर हंगामा कर दिया और मिल अधिकारियों को बाहर जाने के लिए कहा। कुछ किसानों ने मामले को शांत कराया और धरना जारी रखने का एलान कर दिया। इस दौरान राजवीर ऊन, नीटू, कपिल पिंडोरा, जगमेर, प्रमोद प्रधान, अजय पिंडोरा, भास्कर ऊन, योगेश, सुनील प्रधान आदि शामिल रहे।