शामली/बाबरी। क्षेत्र के गांव खानपुर की बेटी काजल आईएएस में चयन होने के बाद पैतृक गांव पहुंची। ग्रामीणों ने समारोह का आयोजन कर उनका अभिनंदन करते हुए खुशी मनाई। काजल ने कहा कि इस सफलता में उनके परिजनों के साथ ससुराल के सभी लोगों का सहयोग रहा है। काजल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का आह्वान किया।
मूल रूप से गांव खानपुर निवासी सत्येंद्र सिंह जावला वर्तमान में अपने परिवार के साथ मेरठ के कंकरखेड़ा श्रद्धापुरी में रहते हैं। सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी काजल ने पांच अप्रैल को घोषित आईएएस के रिजल्ट में 28वीं रैंक प्राप्त की है। आईएएस में चयन होने के बाद रविवार को काजल अपने पति आशीष और परिजनों के साथ पैतृक गांव खानपुर पहुंची।
अभिनंदन समारोह में ग्रामीणों और परिजनों ने काजल को सम्मानित किया। आईएएस में चयन होने पर काजल के परिवार और ससुराल में खुशी का माहौल है। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबा प्रेम सिंह और संचालन मास्टर देवेंद्र सिंह ने किया। काजल ने बताया कि इस सफलता में उनके परिजनों के साथ ससुराल के सभी लोगों का सहयोग रहा है।
काजल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का आह्वान किया। उसके पति आशीष मलिक ने बताया कि लड़कियों को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए और दहेज प्रथा बंद होनी चाहिए। आसपास के गांव के लोगों ने उनके घर पर पहुंचकर काजल को बधाई दी। इस अवसर पर चाचा सुधीर कुमार, पूर्व प्रधान योगेंद्र सिंह, लवली डायरेक्टर, मास्टर देवेन्द्र सिंह, ओमपाल सिंह, जितेन्द्र सिंह, जुलकरण मास्टर आरिफ आदि मौजूद रहे।
ऐसे मुकाम पर पहुंची काजल
काजल के पिता सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी मेरठ के सेंट फ्रांसिस स्कूल से 2003 में हाईस्कूल और 2005 में दयावती मोदी एकेडमी मोदीपुरम से इंटर की परीक्षा पास की थी। 2010 में हैदराबाद यूनिवर्सिटी गणेश लाल अग्रवाल से बीटेक की परीक्षा पास कर यूनिवर्सिटी के कैंपस से ही एक कंपनी में जॉब करना शुरू कर दिया था। 2016 में काजल की शादी हरियाणा के रोहतक निवासी आशीष मलिक से हुई। काजल वर्तमान में भी गुरुग्राम में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। शादी के बाद भी काजल ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उसने बताया कि पति सहित ससुराल वालों से आईएएस बनने की इच्छा बताई। ससुराल पक्ष ने सहमति देते हुए उनका सहयोग किया। इसके बाद काजल ने तैयारी शुरू की और 2018 में परीक्षा दी। पांच अप्रैल को आए रिजल्ट में काजल ने 28वीं रैंक हासिल कर अपने गांव, जिले के साथ ससुराल और परिजनों का नाम रोशन किया।