शामली। नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना के संबंध में मतगणना कार्मिकों को दो चरणों में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना एक दिसंबर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। मतगणना कार्मिकों को मतगणना स्थल पर सुबह सात बजे पहुंचना होगा। नगर पालिका, नगर पंचायत परिषद अध्यक्ष और सदस्य पदों की मतगणना अलग-अलग टेबिल पर होगी। एक बूथ की मतगणना पेटिका एक साथ खोली जाएगी।
सोमवार को भैंसवाल रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी स्थल के नीलामी चबूतरे पर नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना के संबंध में बैठक हुई। जिसमें मतगणना कार्मिकों को दो चरणों में सुबह 10 बजे से लेकर 12 बजे व दोपहर दो बजे से लेकर चार बजे
तक सीडीओ रेणु तिवारी, डीडीओ बलराम कुमार की मौजूदगी में कैराना विजय पथिक महाविद्यालय के प्रवक्ता अजय बाबू शर्मा, कंडेला मानसिंह राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अमित मलिक आदि मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
बताया कि प्रत्येक मतगणना टेबिल पर तीन मतगणना सहायक एक अतिरिक्त मतगणना सहायक व एक मतगणना पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। मतगणना बूथवार शुरू होगी। स्ट्रांग रूम खोलकर एक बूथ से संबधित मतपेटिकाओं को निकाला जाएगा। प्रत्येक सहायक निर्वाचन अधिकारी व मतगणना पर्यवेक्षक को मतदान स्थलों का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।
नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत अध्यक्ष व सदस्य पदों के लिए मतगणना की अलग-अलग टेबिल पर होगी। 50-50 मतपत्रों की रंग के अनुरूप अलग अलग गड्डियां बनाकर रखी जाएगी। मतपत्रों का लेखा से मिलान किया जाएगा। गड्डियां बांधते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि मतपत्र रद्द करने योग्य तो नही है।
दो या दो से अधिक प्रत्याशियों के सामने निशान लगे हो या जब उस पर कोई लेख या निशान हो, जिससे मतदाता की पहचान हो सकती है, या मतपत्र इतना कटा फटा हो। जिसकी पहचान नही की जा सकती हो। ऐसे मतपत्रों को छांट लिया जाएगा। संदिग्ध मतपत्रों को जो निर्वाचन अधिकारी द्वारा अस्वीकृत कर दिए जाने के बाद अलग से एक बंडल में रख दिए जाएंगे। वैध मतपत्रों को एक साथ बांध दिए जाएंगे।
वैैध मतपत्रों की क्या है पहचान
िजला निर्वाचन अधिकारी डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि किसी प्रत्याशी के प्रतीक चिह्न के सामने एक से अधिक चिह्न लगा सकता हैं। उसमें न तो मतपत्र अमान्य होगा। और नही प्रश्नगत उम्मीदवार के पक्ष में दिया गया मत पत्र अवैध होगा। मतदाता द्वारा जहां चिह्न इस प्रकार लगाया है कि एक भाग दो उम्मीदवार के बीच विभाजित करने वाली रेखा को छूता हो, या पार करता हो तभी यह मत संदिग्ध मत का मामला नही होगा। मतदाता एक खास उम्मीदवार के पक्ष में अपनी इच्छा व्यक्त करने के लिए उम्मीदवार के प्रतीक चिह्न के सामने चिह्न लगाना चाहता है तब उस उम्मीदवार के पक्ष में मत के रुप में मान लेना चाहिए।