शामली। एक माह से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद जांच में सहयोग नहीं करने पर पुलिस महकमे ने शुगर मिल मालिक सहित चार के खिलाफ नोटिस जारी किया है। पुलिस ने सभी को 29 नवंबर को कोतवाली में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
दस अक्तूबर को सरशादी लाल शुगर मिल के डिस्टलरी से गैस रिसाव के कारण सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तथा बालिका मंदिर के बच्चों की हालत खराब हो गई थी। इस मामले की जांच स्थानीय प्रशासन द्वारा कराई गई थी। दिल्ली से आई स्वास्थ्य विभाग
की टीम ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच की थी। उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से शुगर मिल मालिक रजतलाल सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच एसएसआई पंकज गौतम को सौंपी गई थी।
पुलिस इस प्रकरण की जांच कर रही है. लेकिन एक माह बीतने के बाद अभी तक आरोपियों द्वारा इस मामले में न तो अपने बयान दर्ज कराए न ही पुलिस को जांच में सहयोग किया गया। पुलिस के मुताबिक चारों को कोतवाली में अपने बयान दर्ज कराने के लिए कई बार सूचनाएं भेजी गई, लेकिन उनमें से किसी ने भी अपने बयान दर्ज कराना उचित नहीं समझा और न ही जांच में सहयोग किया गया। इसके बाद मामले के विवेचक द्वारा आरोपी रजतलाल मैजेनिंग डायरेक्टर दोआब शुगर मिल शामली, कुलदीप पिलानिया, तथा आरबी खोखर के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी कि 29 नवंबर को सभी व्यक्तिगत रूप से कोतवाली में हाजिर होकर अपने बयान दर्ज कराएं। यदि इसके बाद भी आरोपी अपने बयान दर्ज नहीं कराते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी करा सकती है।
गैस कांड में दर्ज हुए मुकदमे के संबंध में शुगर मिल मालिक रजतलाल सहित चार लोगों के खिलाफ सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किया गया है, यदि उसके बाद भी आरोपी जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी
- अवनीश गौतम, कोतवाली प्रभारी