लिखकर करें प्रैक्टिस, प्वाइंट टू प्वाइंट दें जवाब : नंदनी
शामली। बोर्ड परीक्षा से एक महीने पहले का समय तैयारी के लिए सबसे अहम होता है। इस एक महीने में कैसे तैयारी करें, जिससे अच्छे नंबर आ सकें। इसके लिए अमर उजाला ने 2018 की सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में ऑल इंडिया टॉपर बनी स्टॉटिस इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा नंदनी गर्ग से उनकी सफलता का राज जाना। नंदनी ने 600 में से 599 नंबर हासिल किए थे।
नंदनी का कहना है कि स्कूल में होने वाले प्री बोर्ड एग्जाम एक तरह बोर्ड एग्जाम की रिहर्सल होती है। उनके प्री बोर्ड एग्जाम में एसएसटी में बहुत गंदे नंबर आए थे। ओवर ऑल केवल 88 प्रतिशत अंक थे। उसने प्री बोर्ड की कापियां देखी और उसमें हुई गलतियों पर वर्क किया। उन्हें सबसे ज्यादा डर एसएसटी (सामाजिक विषय) से लगता था। इसलिए सबसे ज्यादा मेहनत इस पर की। सुबह सबसे पहले इसी को पढ़ा। याद करने के अलावा लिखकर प्रेक्टिस की, जो एसएसटी और हिंदी में तो सबसे ज्यादा जरूरी है। नंदनी का कहना है कि मैने पिछले तीन साल के बोर्ड एग्जाम में आए पेपर हल किए थे। सवालों को कई बार हल करके अपने सर से चेक कराए। पूछा कि उनके कहां मार्क्स काट सकते हैं उन्होंने गलतियां बताईं, उसे सुधारा, जो परीक्षा में बहुत काम आया।
शार्ट में प्वाइंट टू प्वाइंट दें जवाब
बकौल नंदनी विशेष रूप से हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विषय में एक नंबर के सवाल पर एक से दो लाइन, दो नंबर के सवाल पर दो या तीन लाइन से ज्यादा उत्तर ना लिखें। बड़े दीर्घ उत्तरीय सवालों पर अधिकतम पांच पैराग्राफ लिखने चाहिए। बहुत से छात्र समझते हैं कि जितना लंबा उत्तर लिखेंगे या कापियां भरेंगे उतने ही नंबर आएंगे ये गलत है। हैडिंग इतने स्पष्ट हों कि परीक्षक देखते ही प्रभावित हो जाए। जवाब प्वाइंट टू प्वाइंट हो। नक्शे की प्रेक्टिस भी करें।
स्टोरी के बाद बॉक्स में लिखें मेसेज
इंगलिश में वर्ल्ड मिनिंग टैक्ट बुक में लिखे रहते हैं उन्हें याद करें। राइटिंग सेक्शन में स्टोरी राइटिंग और निबंध होता है। लेटर का फोरमेट पूरा सही पता होना चाहिए। 8 नंबर में से चार नंबर फोरमेट पर ही मिलेगा। इसकी लिखकर लगातार प्रेक्टिस करें। स्टोरी के बाद यदि आखिर में एक संक्षेप बॉक्स बनाकर उससे संबंधित मेसेज लिखें तो वो परीक्षक को प्रभावित करता है।
8-10 घंटे पढ़ाई काफी
बकौल नंदनी एग्जाम टाइम में 8-10 घंटे पढ़ाई काफी है। वे सुबह सात बजे उठती थी और रात 11 से 12 बजे तक सो जाती थी। सुबह नाश्ते के बाद पढ़ती। दोपहर में लंच के बाद एक घंटा रेस्ट करती थी और शाम को नॉबेल पढ़ना, भाई के साथ बैडमिंटन खेलने के अलावा डांस भी करती। यदि आपने नियमित क्लास की है तो एग्जाम में घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।