शामली। पिछले कुछ दिनों में आलू के दाम में उछाल आने से किसानों की बल्ले- बल्ले हो गई है। वहीं, अच्छा भाव मिलने की वजह से ही शीतगृहों में आलू भंडारण का रुझान भी कम हुआ है। जिले में थानाभवन, शामली, बाबरी और झिंझाना क्षेत्र आलू की बेल्ट मानी जाती है। पिछले दो सालों से आलू का भाव कम होने से आलू उत्पादन किसान के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा था। इस साल जिले में 550 हेक्टेयर भूमि में आलू बोया गया। आलू का सीजन 31 मार्च माना गया है।
दो माह पूर्व शुरुआती दौर में मंडी में नया आलू आने पर 450 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 500 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव रहा। पिछले दिनों से आलू के भाव में 200- 250 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी हो गई। मंडी में आलू 700- 750 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, तो फुटकर में दस रुपये किलो बिक रहा है।
वैसे तो आलू की खुदाई का सीजन 31 मार्च तक है, अभी तक 30 प्रतिशत से ज्यादा आलू की खुदाई हो चुकी है। वहीं, दो दिन पूर्व ही शासन ने 549 रुपये प्रति क्विंटल आलू खरीदने की घोषणा की। आलू का सरकारी दाम कम होने और मंडी में ज्यादा भाव होने से सरकारी खरीद केंद्रों पर आलू की खरीद प्रभावित हो सकती है। शामली मंडी में आलू के आढ़ती बाबूराम सैनी ने बताया कि पिछले 15 से लेकर 20 दिन में आलू के भाव 200 रुपये से लेकर 250 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी हुई है। आलू के भाव में बढ़ोतरी होने से हरियाणा- पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल से आलू आना बंद हो गया है।
मंडी में स्थानीय आलू आ रहा है। उन्होंने बताया कि मंदी के दौर में आलू की 300 क्विंटल से लेकर 500 क्विंटल की मंडी में आवक थी। भाव बढ़ने के बाद 250 क्विंटल से लेकर 350 क्विंटल प्रति दिन आलू की आवक है। उन्होंने बताया कि ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क तीन प्रतिशत कमीशन का कुल 38 रुपये प्रति क्विंटल किसानों से वसूला जा रहा है।
सहारनपुर मंडल में पांच हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य
सहारनपुर मंडल के जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि वेस्ट यूपी के मेरठ- सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली मंडलों के जिलो में आलू खरीद की जिम्मेदारी यूपी एग्रो को सौंपी गई है। चारों मंडल में आलू खरीद का लक्ष्य 40 हजार मीट्रिक टन रखा गया है, जबकि सहारनपुर मंडल के शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले में पांच हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले स्तर पर आलू की खरीद के लिए तहसील स्तर पर खरीद केंद्र खोले जाएंगे। शामली जिले में शामली, कैराना,ऊन तहसील हैं, जहां खरीद केंद्र स्थापित होने हैं।
कोल्ड स्टोरेज में कम पहुंच रहा आलू
शामली। आलू का भाव महंगा होने से किसान पशोपेश में हैं कि आलू का भंडारण किया जाए अथवा मंडी में बेेचा जाए। इसीलिए किसान आलू का भंडारण करने में कम रुचि ले रहे हैं। जिले में छह शीत गृह हैं, जिनमें 3369.96 क्विंटल आलू रखने की क्षमता है। शीत गृहों में अपेक्षा से कम आलू भंडारण के लिए आ रहा है। शहर के माजरा रोड स्थित चौधरी शीत गृह के संचालक रितेश का कहना है कि उनके शीत गृृह में आलू रखने की 39 हजार क्विंटल क्षमता है। अभी तक 19 हजार क्विंटल आलू रखा गया है। माजरा रोड चौधरी ब्रहम सिंह शीत गृह के संचालक राजीव कुमार ने बताया कि उनके शीत गृह में पांच हजार कट्टे रहे रखे गए हैं, जबकि पर क्षमता 38 हजार क्विंटल है। करनाल रोड स्थित अमर कोल्ड स्टोरेज में अभी तक भंडारण के लिए 18 हजार क्विंटल आलू आ पाया है।
शामली मंडी में आलू का भाव --
आलू की प्रजाति--------- भाव प्रति 50 किलो
- 3797 ---------------- 325 रूपये ।
- पुखराज ------------- 325 रुपये ।
- चिपसोना ------------ 350 रुपये।
- फ्रोईसोना ------------ 400 रुपये।