शामली। मेडिकल वेस्टेज का उचित प्रबंधन नहीं करने के चलते उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मंगलवार को शामली के दो नर्सिंग होम पर पहुंचकर ऑपरेशन थियेटर पर सील लगा दी।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डीसी पांडे, अनुभाग सहायक विजय तोमर, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार और नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह पुलिस बल को साथ लेकर शामली में अग्रसेन पार्क के पास स्थित सागर नर्सिंगहोम पर पहुंचे। वहां ऑपरेशन थियेटर पर सील लगा दी गई। इसके बाद मोहल्ला रेलपार स्थित चतुर्वेदी नर्सिंग होम पर पहुंचकर ऑपरेशन थियेटर पर सील लगा दी गई।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अधिकारी डीसी पांडे ने बताया कि उक्त दोनों नर्सिंगहोम से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्ट के प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई और न ही विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया। इसी के चलते इन दोनों नर्सिंग होम की ऑपरेशन थियेटर पर सील लगाई गई है। कार्रवाई के संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
हाॅस्पिटल प्रबंधक के खिलाफ तहरीर
शामली। महिला को बिना जांच किए ही ब्लड चढ़ाने के मामले में कुड़ाना रोड स्थित आर्यन हास्पिटल के प्रबंधक के खिलाफ तहरीर दी गई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सुशील कुमार की तरफ से दी गई तहरीर में बताया कि गांव ऐरटी निवासी रोहिणी पत्नी सचिन ने गत 10 जनवरी को जिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया था।
आरोप था कि आर्यन हॉस्पिटल में बगैर लाइसेंस ब्लड बैंक चलता है और उसको दूषित रक्त चढ़ाया गया। इसकी जांच ओषधि निरीक्षक की रिपोर्ट के बाद पीएल शर्मा हास्पिटल मेरठ से जांच कराई गई। वहां से प्राप्त जांच रिपोर्ट में पता चला कि आर्यन हॉस्पिटल में महिला को जो ब्लड चढ़ाया गया, उसके ब्लड बैग पर सभी कॉलम खाली थे तथा ब्लड कहां से लाया गया, उसका नाम भी नहीं लिखा हुआ था। जबकि ब्लड बैग हॉस्पिटल के प्रबंधक अर्जुन सिंह उर्फ नरदेव से प्राप्त हुआ था। जांच में स्पष्ट हुआ कि महिला को जो ब्लड जांच किए बगैर ही चढ़ाया गया। इसके चलते हास्पिटल प्रबंधक अर्जुन सिंह उर्फ नरदेव के खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत धोखाधड़ी का अपराध बनता है। इस संबंध में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। ब्यूरो