म्यांमार के चारों युवकों पर कसेगा पुलिस का शिकंजा
शामली। जलालाबाद में अवैध रूप से रहने वाले म्यांमार के चारों युवकों पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। इस संबंध में पुलिस जल्द ही कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी दाखिल करेगी।
जलालाबाद में पुलिस ने रविवार रात को म्यांमार निवासी अब्दुल मजीद, नोमान, फुरकान और रिजवान को अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनके साथ ही तीन मदरसा संचालकों को भी पुलिस ने विदेशियों को शरण देने और उनके बारे में पुलिस-प्रशासन को जानकारी न देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण में पुलिस चारों आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस इनके बयान और उनसे मिले दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश कर रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। इसके लिए पुलिस फाइल तैयार कर रही है। मंगलवार को कांवड़ यात्रा में पुलिस व्यस्त रही। बुधवार से पुलिस का फोकस इसी मामले पर रहेगा। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पुलिस कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर पुलिस कई बिंदुओं पर खाका तैयार करने में जुटी है। थानाभवन थाना प्रभारी संदीप जल्द ही रिमांड अर्जी दाखिल की जाएगी।
यह था मामला
पुलिस और खुफिया टीम ने जलालाबाद की खुशनुमा कालोनी में छापेमारी कर मदरसे में पढ़ाने वाले अब्दुल मजीद और पढ़ने वाले तीन भाई नोमान, फुरकान और रिजवान को गिरफ्तार किया था। जांच में चारों म्यांमार के निवासी पाए गए, जो यहां पर अवैध रूप से रह रहे थे। अब्दुल मजीद को मदरसे में बतौर शिक्षक रखने, अन्य तीनों को दाखिला देने और उनके बारे में पुलिस-प्रशासन को सूचना न देने के आरोप में दारुल उलूम मदरसा जलालाबाद के मोहतमिम वासिफ अमीन, मदरसा अशफिया थानाभवन के मोहतमिम/प्रबंधक कारी आशरफ और मिफ्ता उल उलूम जलालाबाद के मोहतमिम/प्रबंधक मौलाना हफीयुल्ला को उनकी भूमिका को संदिग्ध मानते हुए गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सोमवार को चारों म्यांमार नागरिकों और तीन मदरसा संचालकों को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।