शामली। किसान आंदोलन के मद्देनजर पुलिस ने सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी हुई है। किसान आंदोलन को लेकर गलत पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। गांवों में भी किसान आंदोलन को लेकर चल रही गतिविधियों पर पुलिस नजर रख रही है।
किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो एवं फोटो की बाढ़ आई हुई है। किसान और युवा दिल्ली सीमा पर चल रहे आंदोलन के साथ ही जिलों में चल रहे आंदोलनों के भी वीडियो खूब वायरल कर रहे हैं और बयानबाजी कर रहे हैं। पुलिस ने इस पर भी सख्ती करनी शुरू कर दी है। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सोशल मीडिया पर निगाह रखी जा रही है। गलत एवं भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बड़ौत धरने पर लाठीचार्ज की निंदा
शामली। बड़ौत में किसानों को धरना जबरन समाप्त कराने तथा लाठीचार्ज का रालोद नेताओं ने विरोध किया। गांव भैंसवाल पहुंचे रालोद नेताओं ने पुलिस पर गांव में पैदल मार्च के नाम पर भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया है।
बृहस्पतिवार को रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन व अन्य रालोद नेता गांव भैंसवाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर रखा है तथा गांव में भय का माहौल बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को धमकाकर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही रालोद नेता जयंत चौधरी जल्द गांव भैंसवाल आ सकते हैं। उन्होंने बड़ौत में धरने पर लाठी चार्ज की निंदा की। उनके साथ जिला महासचिव बाबूराम पंवार, जिला कोषाध्यक्ष संजीव फतेहपुर, सर्वेश सिंभालका, सुरेंद्र गंदेवड़ा, अमित देशवाल आदि मौजूद रहे।
मुकदमा दर्ज करना मनोबल तोड़ने की कार्रवाई
शामली। सपा नेता प्रोस़ुधीर पंवार ने कहा कि आंदोलन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और समय के अनुसार रणनीति बनाने से ही आंदोलन सफल होते हैं। 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे आंदोलन को हानि पहुंची है। उन्होंने सरकार से लाल किले में उत्पात मचाने वालों एवं पुलिस पर हमला करने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शामली में सैकड़ों किसानों पर मुक़दमा दर्ज कर किसानों का मनोबल तोड़ने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सहित 18 राजनीतिक दलों ने संगठित होकर बजट सत्र में किसानों की आवाज उठाने के लिए राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार का निर्णय लिया है।