मुठभेड़ के दौरान विनोद का बरामद पिस्टल। पुलिस
शामली। बुलंदशहर पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया एक लाख रुपये का इनामी बदमाश विनोद गड़रिया मूल रूप से कैराना क्षेत्र के गांव इस्सोपुर खुरगान का निवासी था। वह पिछले काफी समय से मुजफ्फरनगर में रह रहा था। शामली व मुजफ्फरनगर समेत पुलिस समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों की पुलिस की टीम भी बदमाश की तलाश में पिछले काफी समय से लगी थी। शामली पुलिस बदमाश का आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है।
विनोद गड़रिया लूट व डकैती की घटनाओं में शामिल रहा और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। शामली पुलिस की एसओजी टीम भी बदमाश की तलाश में जुटी थी। पुलिस टीम हरियाणा, दिल्ली व उत्तराखंड आदि राज्यों में तलाश में जुटी थी, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका। बताया गया है कि पुलिस टीम को दो तीन बार उसके बारे में सटीक सूचनाएं भी मिली, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल गया था और शामली पुलिस हाथ मलती रह गई थी।
एसपी रामसेवक गौतम ने विनोद गड़रिया के बुलंदशहर मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि उस पर करीब 40 मुकदमे दर्ज थे।
शामली जनपद में उस पर कई मुकदमे दर्ज होना बताया गया है। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। एसपी के मुताबिक गांव इस्सोपुर खुरगान से वह पहले ही चला गया था और मुजफ्फरनगर में उसका ठिकाना था। मुजफ्फरनगर में भी उस पर मुकदमे दर्ज हैं।