शामली। व्हाट्सएप ग्रुपों में यूपी और अन्य प्रदेशों के आरटीओ, खनन अधिकारी और अन्य की लोकेशन शेयर करने के मामले की जांच अब पुलिस और प्रशासनिक टीम करेगी। डीएम ने भी जांच के लिए टीम गठित की है। कहा कि जल्द ही पुलिस के सहयोग से गिरोह पर शिकंजा कसा जाएगा। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने भी ग्रुपों की जांच शुरू कर दी है। ग्रुपों में शामिल 30 से अधिक लोग पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
अमर उजाला ने छह अक्तूबर के अंक में पेज दो पर व्हाट्सएप ग्रुपों पर लोकेशन देने का खेल नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर के माध्यम से खुलासा किया था कि आरटीओ, खनन अधिकारी, पुलिस आदि की लोकेशन के लिए व्हाट्सएप पर अलग-अलग नाम से ग्रुप बनाए हुए हैं, जिनमें 1500 रुपये लेकर चालकों, संचालकों को जोड़ा जाता है। इसके बाद ग्रुप पर शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ के अलावा हरियाणा, देहरादून और दिल्ली के अधिकारियों कीे लोकेशन को शेयर की जाती है। खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी भी हरकत में आ गए। डीएम रविंद्र सिंह ने कहा कि टीम गठित की गई है। गिरोह का पुलिस के सहयोग से भंड़ाफोड कराया जाएगा। एसपी अभिषेक ने कहा कि मामले की जांच पुलिस टीम को सौंपी गई है। जल्द ही गिरोह के सदस्य पुलिस की गिरफ्त में होंगे। आरोपियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।
एआरटीओ बोले, हमारा नहीं, पुलिस का काम
इस बारे में आरटीओ रोहित राजपूत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लोकेशन देने वालों का पता लगाने का काम हमारा नहीं है, पुलिस का है। जबकि गिरोह सबसे अधिक आरटीओ की लोकेशन देकर ही सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, लोकेशन शेयर करने वाले गिरोह की एआरटीओ विभाग के कर्मचारियों से भी मिलीभगत हो सकती है। हालांकि, यह पुलिस और प्रशासन की टीम की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। माना जा रहा है कि मामले में शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ जिले के गिरोह के गुर्गे भी पकड़ में आ सकते हैं।
ग्रुपों से चालकों और संचालकों को बाहर का रास्ता दिखाया, बोले, अमर उजाला में खबर लग गई
सूत्रों के अनुसार, अमर उजाला में लोकेशन के खेल की प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले गुर्गाें में भी हड़कंप मच गया। सुबह ही ग्रुपों से सभी जोड़े गए चालकों, संचालकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कहा गया कि अमर उजाला में खबर लग गई है, सभी बाहर जाओ। बाद में करते हैं कुछ । दिनभर अधिकारी भी मामले की जांच में जुटे रहे।
दो माह पूर्व एआरटीओ की गाड़ी में लगा दिया था जीपीएस
एक अगस्त की रात को मोहल्ला दयानंद नगर में प्लाट में खड़ी एआरटीओ रोहित राजपूत की गाड़ी के नीचे कार सवार व्यक्ति ने चोरी से जीपीएस डिवाइस लगा दी थी। एआरटीओ की गाड़ी को रात में चेकिंग के बाद चालक बाबूराम अपने घर ले जाता था। प्लाट के सामने नगरपालिका के सभासद अनिल उपाध्याय के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा मामला कैद होने से इस मामले का खुलासा हुआ था। एआरटीओ की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया था।