शामली। दीपावली पर देर रात तक जमकर आतिशबाजी हुई। इससे आसमान में धुआं छाया रहा और हवा जहरीली हो गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स 250 के पार पहुंच गया। दमा के मरीजों को सांस लेने में काफी परेशानी हुई।
रविवार को दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। हर तरफ उल्लास और उमंग का माहौल बना रहा। शाम होते ही शहर में हर तरफ आतिशबाजी गूंज सुनाई देने लगी थी। हर गली, मोहल्ले और सड़कों पर धुआं फैला रहा। इससे वायु प्रदूषण में इजाफा हो गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक दीपावली से पहले तक जनपद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 150 के आसपास चल रहा था। रविवार दोपहर तक भी एक्यूआई करीब 170 के करीब था। रात में आतिशबाजी होने बाद यह बढ़कर लगभग 250-260 के करीब पहुंच गया। जाहिर है कि आतिशबाजी से यह प्रभाव हुआ। हवा जहरीली होने से दमा से पीड़ित लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। हालांकि कोई भी गंभीर मरीज अस्पताल में नहीं पहुंचा है।
वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय
- मुंह और नाक पर कपड़ा रख कर बाहर निकले।
- पेड़ और हरियाली वाले स्थानों पर अधिक समय बिताएं।
- दमा-सांस के मरीज बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकले।
- सांस लेने में किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह ले।
जनपद शामली में प्रदूषण मापने का ऑनलाइन सिस्टम अभी नहीं लगा है। सामान्य स्थिति में शामली में एक्यूआई 150 के आसपास रहता है। दीपावली पर यह बढ़कर 250 के आसपास पहुंच गया है। एक दो दिन में यह फिर से पहले जैसी स्थिति में पहुंच जाएगा। - डीसी पांडे, सहायक वैज्ञानिक ऑफिसर (एएसओ)
दीपावली पर वायु प्रदूषण तो बढ़ा है, लेकिन जनपद के सरकारी अस्पतालों में सांस, दमा आदि का कोई मरीज उपचार के लिए नहीं पहुंचा है। इससे माना जा सकता है कि जनपद में प्रदूषण की स्थिति नियंत्रण में रही है। - डाक्टर संजय भटनागर, सीएमओ ।