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कादरगढ़ गांव में विषैली पराली खाने से 12 पशुओं की मौत, पांच की हालत गंभीर

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12 animals killed due to eating poisonous straw
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थानाभवन/जलालाबाद (शामली)। कादरगढ़ गांव में विषैली पराली का चारे में इस्तेमाल करने पांच लोगों के 12 पशुओं की मौत हो गई, जबकि पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव में पहुंचकर बीमार पशुओं का उपचार किया। पशुओं की मौत से पीड़ित परिवार सहित पूरे गांव में गम का माहौल है। कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने गांव में पहुंचकर पीड़ितों किसानों से जानकारी ली।
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गांव कादरगढ़ में दीपावली के दिन रविवार दोपहर को कुछ ग्रामीण गांव के ही एक किसान के खेत से चारे के लिए पराली उठाकर लाए थे। कटाई करने के बाद उस पराली का चारा गांव के मुकेश, राकेश, पप्पू, अनिल व प्रवीण ने अपने पशुओं को खिलाया। चारा खाने के बाद शाम करीब पांच बजे पशुओं की हालत बिगड़ने लगी। पशुओं की हालत खराब होने पर ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को कॉल की। आरोप है कि कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा। शाम तक एक एक करके 12 पशुओं की मौत हो गई। मुकेश की एक भैंस, कटड़ा, बछिया, गाय व कटिया की मौत हो गई, जबकि एक भैंसा व एक गाय की हालत खराब है। इसी तरह राकेश की एक कटिया, गाय व एक बछड़े की मौत हुई और दो भैंस बीमार हैं। जबकि, पप्पू की एक कटिया व बछिया, अनिल की एक कटिया व प्रवीण की एक गाय की मौत हो गई। अनिल कुमार की एक कटिया की हालत खराब बनी हुई है। सोमवार सुबह करीब आठ बजे पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और पशुओं का उपचार शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चिकित्सक समय पर पहुंचते तो कई पशुओं की जान बच सकती थी। दोपहर में एसडीएम सदर संदीप कुमार ने गांव में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। लेखपाल, कानूनगो से रिपोर्ट तैयार कराई।
- नहीं मनाया दीपावली का त्योहार
गांव के प्रधान बबलू ने बताया कि करीब पांच बजे पशुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सभी ग्रामीण गरीब किसानों को हुए इस नुकसान से आहत है। यही वजह है कि आसपास के मोहल्ले सहित पूरे गांव में दीपावली का त्योहार नहीं मनाया गया। इस हादसे से किसानों का करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस संबंध में ब्लाक और प्रशासन को जानकारी दे दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि गरीब किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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- गन्ना मंत्री ने दिया मुआवजे का आश्वासन
पशुओं की मौत की सूचना पर सोमवार को कैबिनेट गन्ना मंत्री सुरेश राणा गांव पहुंचे और पीड़ित किसान परिवारों से घटना की जानकारी लेकर उन्हें उचित आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को सभी मृत पशुओं की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ित परिवारों को मुआवजे का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार हर समय पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
-- किस किसान के कितने पशु मरे
मुकेश - पांच पशु
राकेश - तीन पशु
पप्पू - दो पशु
अनिल - एक पशु
प्रवीण - एक पशु
- मुंह से झाग आया और पेट फूल गया
शामली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार ने बताया कि गांव कादरगढ़ में पशु चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर जांच और बीमार पशुओं का उपचार किया। पूछताछ में जानकारी मिली कि धान की फसल पर करीब 25 दिन पूर्व फ्यूराडॉन कीटनाशक का छिड़काव किया गया था। उससे धान की पराली विषैली हो गई थी। मृत पशुओं के मुंह से झाग आना, पेट फूलना और जमीन पर अचानक गिरने जैसे लक्षण मिलना जहर खाने के बाद के होते है। प्रथम दृष्टया पशुओं की मौत विषैली हुई पराली खाने से होने की आशंका है। मृत पशुओं का विसरा लिया गया है, जिसे जांच के लिए आगरा प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उधर, ग्राम प्रधान बबलू ने बताया कि धान के खेत पर करीब 25 दिन पूर्व फ्यूराडॉन का छिड़काव किया गया था।
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