शामली के कैराना क्षेत्र के बरनावी गांव के वन आरक्षित क्षेत्र में हरियाली के लिए लगाए गए 1.50 लाख पौधों को अराजक तत्वों को केमिकल डालकर बर्बाद कर दिया। वन विभाग अपनी ही जमीन पर पेड़ों की सुरक्षा नहीं कर पाया।
वन विभाग ने अब डीएम और एसएसपी से वन्य क्षेत्र में पेड़ों की सुरक्षा और अराजक तत्वों पर कार्रवाई के लिए पीएसी तैनात करने की मांग की है। बता दें कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम के तहत 11 जुलाई को 2,55,250 लाख पौधे जिले में वन प्रभाग द्वारा लगाए गए थे।
ग्रीन यूपी-क्लीन यूपी के तहत वन क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करके 70.5 हेक्टेयर भूमि में एक लाख 50 हजार पौधों का रोपण किया गया था। मगर कुछ असामाजिक तत्वों ने वन क्षेत्र की भूमि में पर अतिक्रमण करके फसल उगाने की मंशा से किसी केमिकल से सभी पौधों को खराब कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि वन विभाग अपने क्षेत्र में ही हरियाली को नहीं बचा पाया। विभाग इसके लिए पुलिस की नाकामी को जिम्मेदार बता रहा है। इस मामले में वन प्रभाग सहारनपुर-मेरठ, लखनऊ की टीमें मौके पर पहुंचकर पौधों का सत्यापन कर चुकी है।
सामाजिक वन प्रभाग क्षेत्र के निदेशक ओमप्रकाश सिंह ने डीएम सुजीत कुमार और एसपी अजयपाल शर्मा को लिखित सूचना देकर अवगत कराया कि वन प्रभाग के अफसरों ने अतिक्रमण के संबंध में अराजक तत्वों के खिलाफ थाना कैराना कोतवाली में प्राथमिक दर्ज कराई है। लेकिन कैराना पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने से उनके हौसले बढ़ रहे है।
निदेशक का कहना है कि पौधरोपण कार्यक्रम मुख्यमंत्री की विशेष प्राथमिकता में है। उन्होंने भविष्य में पेड़ों की सुरक्षा, अतिक्रमण रोकने और तनाव की स्थिति से बचाने के लिए वन्य क्षेत्र में पीएसी तैनात करने की मांग की है। डीएम और एसएसपी की ओर से वन्य क्षेत्र में अराजक तत्वों की गतिविधियों की निगरानी करनेे और सुरक्षा का आश्वासन दिया है।