कांवड़ यात्रा के दौरान छाएगा रसोई गैस का संकट
थानाभवन। कांवड़ यात्रा के दौरान उपभोक्ताओं को रसोई गैस संकट से जूझना पड़ेगा। हालत ये है कि यात्रा के चलते मार्ग डायवर्ट होने के कारण प्लांट से जिले में रसोई गैस की आपूर्ति लगभग ठप हो जाती है। ऐसे में करीब 15 से बीस दिन तक उपभोक्ताओं को रसोई गैस को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि तेल कंपनियों ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश जारी करते हुए शीघ्र अतिरिक्त स्टॉक जमा करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, शामली जिले में इंडियन ऑयल, एचपीसी समेत अन्य एजेंसियों की करीब 21 गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं। इन एजेंसियों पर प्रतिदिन करीब 20 ट्रक यानी छह हजार सिलिंडरों की आपूर्ति की जाती है। चूंकि, कांवड़ यात्रा के चलते जल्द आसपास के मुख्य मार्ग बंद होने वाले हैं और शामली जिले में लोनी स्थित प्लांट से रसोई गैस की आपूर्ति की जाती है। यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। इस कारण प्लांट से गैस के जिले में पहुंचने में काफी दिक्कतें आएंगी। हालांकि, तेल कंपनी हरियाणा के करनाल स्थित प्लांट से सप्लाई के दावे कर रही है। लेकिन, इस प्लांट से कांवड़ के दौरान प्रतिदिन बीस से 25 गाड़ी उत्तराखंड के देहरादून, चकराता, कालसी, टिहरी क्षेत्र में सप्लाई की जाती है, जिससे शामली जिले में प्रतिदिन मात्र चार से पांच गाड़ी ही सप्लाई हो पाती है। इससे जिले में प्रतिदिन 15 ट्रक यानी साढ़े चार हजार सिलिंडरों का बैकलॉग बढ़ेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं की रसोई पर संकट आना लाजिमी है। हालांकि इस समस्या के हल के लिए तेल कंपनियों ने सभी एजेंसियों को गैस का अतिरिक्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। अब देखना है कि एजेंसियां इन निर्देशों के पालन में स्टॉक जमा करती है या फिर उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए परेशानियां उठानी होंगी।
वैकल्पिक व्यवस्था होगी
कांवड़ यात्रा के दौरान रसोई गैस की किल्लत न हो। इसके लिए सभी एजेंसियों को पहले से गैस मंगाकर रखने को कहा गया है। उम्मीद है कि यात्रा के दौरान कोई परेशानी नहीं आएगी। यदि ऐसा होता भी है तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के इंतजाम किए जाएंगे।--विपिन आनंद, सेल्स अफसर एचपीसी