फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में बढ़ रहा पीएफआई का नेटवर्क

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में बढ़ रहा पीएफआई का नेटवर्क
विज्ञापन

शामली। जनपद में पीएफआई और एसडीपीआई का नेटवर्क बढ़ रहा है। आठ माह पहले भी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में पीएफआई और एसडीपीआई के कथित सदस्य पकड़े जा चुके हैं।
विज्ञापन

जनपद में पीएफआई और एसडीपीआई के सदस्यों का कनेक्शन पहले भी सामने आ चुका है। दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शामली व कैराना में एक वर्ग के लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन की आड़ में धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करने वाले कई लोग पकड़े गए थे। उस समय पुलिस की नजर में 23 लोग संदेह के दायरे में आए थे, जिनमें कई लोगों का पीएफआई से कनेक्शन होना बताया गया था। दिसंबर माह में पुलिस ने शामली रोडवेज बस अड्डे से थानाभवन क्षेत्र निवासी सादाब और आमिर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सादाब के पास से मिले मोबाइल में आपत्तिजनक सामग्री मिलना बताते हुए उसका कनेक्शन पीएफआई से होना बताया था। इसी तरह कस्बा कैराना में पुलिस ने 24 दिसंबर को भड़काऊ पोस्टरों के साथ चार लोगों को पकड़ा था, जिनमें राजस्थान के कोटा निवासी फैसल को पीएफआई का सदस्य होना बताया था। पुलिस ने उसके मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री मिलना बताया था। बाकी तीन लोग कैराना के निवासी थे। फैसल के मोबाइल में असम के कई लोगों के नंबर मिले थे, जिनके बारे में जनपद पुलिस ने उस समय एटीएस को रिपोर्ट भी भेजी थी। रविवार को कैराना में पकड़े गए सरवर द्वारा पीएफआई का सदस्य बताने पर इस बात की संभावना बढ़ गई है कि जनपद में पीएफआई का नेटवर्क बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें