कैराना। कस्बे की एक लाख की आबादी के बावजूद आसपास कोई पेट्रोल पंप नहीं है। इसी का नतीजा है कि यहां गली और मोहल्लों में पेट्रोल-डीजल की गुपचुप दुकानें चल रही हैं। बोतलों में भरकर पेट्रोल डीजल बेचा जा रहा है। ऐसे में ये काम खतरे से खाली नहीं है। इसके मिलावटी होने का भी पूरा अंदेशा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है।
लगभग 20 साल पहले कैराना में तीतरवाड़ा चुंगी पर एक पेट्रोल पंप हुआ करता था, लेकिन बाद में किन्हीं कारणों के चलते पेट्रोल पंप मालिक उसे बंद करके मेरठ जाकर रहने लगा। इसके बाद से कैराना में केवल अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल की बिक्री और खरीदारी होती है। कैराना और देहात के सभी गांवों की गली मोहल्लों में दुकानों पर आसानी से पेट्रोल डीजल मिल जाता है। दुकानदार हरियाणा से केन में डीजल-पेट्रोल लाकर दुकानों पर रख लेते हैं। पहले ही प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल डीजल भरकर रख लेते हैं। जैसे ही बाइक वाला आया तुरंत रुपये लिए और तेल उसकी बाइक में उलट दिया जाता है। बिक रहा ये तेल असली है या मिलावटी इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। लोगों की मजबूरी का भी ये लोग खूब फायदा उठा रहे हैं।
इसके अलावा कैराना में आठ महीने पहले खुले में बड़ी बड़ी केन में पेट्रोल-डीजल बिकता था। उस समय एसडीएम डॉ. अमितपाल शर्मा ने चेकिंग अभियान चलाते हुए कार्रवाई की थी। जिसके बाद पेट्रोल डीजल दुकानों के बाहर खुले में बिकना बंद हो गया था। कार्रवाई के डर से अब दुकानदार बोतलों में पेट्रोल डीजल कर दुकान के अंदर से बेच रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि जल्द ही चोरी छिपे पेट्रोल डीजल बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
दो माह में पकड़ा गया था 2800 लीटर डीजल
कैराना। 22 जून को यमुना नदी के मंडावर घाट से एक ट्रैक्टर ट्राली से 1600 लीटर डीजल भरे आठ ड्रम पकड़े थे। मंडावर निवासी अफसर के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया। 31 अगस्त को पूर्ति निरीक्षक ने मन्ना माजरा के पास से एक गाड़ी से 1200 लीटर केरोसिन के छह ड्रम और एक केन में एक लीटर काला तेल पकड़ा था। उक्त मामले में भी नफीस और शकील पर केस दर्ज हुआ। केरोसिन का सैंपल जांच को भेजा गया था, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट अभी तक भी लटकी है। पूर्ति निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट अभी नही आयी है। केरोसिन को एक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर सपुर्दगी में रखवाया गया है।
मिलावट से बिगड़ रही वाहनों की सेहत
कैराना। हरियाणा से बड़ी बड़ी केन में भरकर पेट्रोल डीजल लोग लाते हैं, ये गारंटी नहीं कि ये सही है या मिलावटी। बताया जाता है कि दुकान पर रखकर बेचने वाले इसमें मिलावट करते हैं। जिससे 10 से 15 रुपये लीटर मुनाफा होता है। मिलावटी होने के कारण इस पेट्रोल डीजल से वाहनों के इंजन खराब होते हैं।
बंद कराए थे बायो फ्यूल पंप
कुछ माह पहले तीन चार स्थानों पर एक कंपनी के डीजल पंप लगाने शुरू हो गए थे। 16 मई 2019 को पूर्ति निरीक्षक ने मोहल्ला खैलकला में एक बायो फ्यूल पंप पर छापा मारा था। जहां पर अनापत्ति प्रमाणपत्र नही मिलने पर डीजल पंप को सील करके एक आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। जिसके बाद अन्य बाकी के सभी डीजल पंप एक-एक कर बंद हो गए।
कोट
समय-समय पर नकली पेट्रोल और डीजल बेचने वाले तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। दुकानों पर अवैध रूप से मिलावटी पेट्रोल डीजल बेचना अपराध है। जल्द ही वह अभियान चलाकर फिर से जांच कराएंगे। - संजय कुमार, पूर्ति निरीक्षक