झिंझाना के बिड़ौली मे खाने के पैकिट वितरित करते व्यापारी।
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हालात से जूझ रहे लोगों को मिली मदद
गढ़ीपुख्ता। थाना गढ़ीपुख़्ता क्षेत्र के गांव दुल्लाखेड़ी निवासी गुलजार ने शुक्रवार रात डायल 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी कि उनकी पत्नी शमा को अचानक सीने में तेज दर्द हो रहा है वह तड़प रही है। डॉक्टर के पास ले जाने का कोई साधन नही है। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर सुभाष से संपर्क किया। पुलिस गुलजार के घर गई और उसकी पत्नी को साथ लेकर डॉक्टर के पास ले गई। पुलिस ने उनका उपचार कराया। फिर पुलिस ने दंपती को उनके घर छोड़ दिया।
शनिवार को कांधला निवासी रिजवान ने 112 नंबर पर फोन करके बताया कि उसका परिवार चार दिन से भूखा है। छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं। घर में राशन खत्म हो चुका है। सूचना पर पीआरवी तुरंत उनके घर पहुंची और उसके भोजन का इंतजाम किया। इसके बाद उन्हें राशन डीलर के यहां ले जाकर महीनेभर का राशन उपलब्ध कराया। पुलिस के अलावा सामाजिक संस्थाएं भी बेसहारा लोगों के लिए आगे आ रहे हैं। जिले की कई सामाजिक संगठनों ने निर्धन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की। शामली इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल ने बताया कि सुबह और शाम निर्धन लोगों के लिए दोनों समय 400 400 पैकेट खाने के बनवाए हैं। लायंस क्लब व्यापारी संगठन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने भी जरूरतमंदों की मदद की है। उधर, एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सामाजिक संगठनों ने जिस तरह सहयोग के लिए हाथ बढ़ाएं वह काबिले तारीफ है।
ग्राम प्रधान ने कई परिवारों को दिया राशन
गढीपुख्ता। क्षेत्र के गांव खेड़की में ग्राम प्रधान मोहन ने लॉकडाउन के चलते गांव में जरूरतमंद परिवारों को अपने आवास पर 10-10 किलो गेहूं और चावल उपलब्ध कराया। ग्राम प्रधान मोहन ने आगे भी पीड़ितों को मदद का आश्वासन दिया।
कैराना में बिहार के मजदूरों को खाने के पैकेट देते एसपी।- फोटो : SHAMLI