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Shamli News: 276 करोड़ फूंकने के बाद भी पानी को तरस रहे लोग

Fri, 25 Sep 2026 01:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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पड़ताल...किशोरपुर में अधर में लटका टंकी निर्माण कार्य।संवाद
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शामली। हर घर जल पहुंचाने का दावा जिले के 160 गांवों में आकर फाइलों और उखड़ी सड़कों के गड्ढों में उलझ गया है। 527 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में से 276 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गलियों और सड़कों को उखाड़कर छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन भी दूभर हो गया है।
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झिंझाना (रज्जाक नगर) : दो साल पहले टंकी बनी और लाइन बिछी पर सप्लाई शुरू नहीं हुई। सड़कें और बदहाल हो गई।
बिडौली (बीबीपुर व रोटन) : टंकी निर्माण अधूरा है। पाइप डालने के बाद सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं, जिससे गड्ढे बन गए हैं।
कैराना (मामौर) : चार साल पहले 2.5 करोड़ से टंकी, सोलर लाइट व लाइन का काम शुरू हुआ था। निर्माण अधूरा है, पानी बंद है।
हसनपुर लुहारी (नांगल, किशोरपुर, इस्माइलपुर) : नांगल में दो साल से टंकी का काम बंद है। तीनों गांवों को पानी नहीं मिल पा रहा।
बाबरी (महावतपुर) : तीन साल पहले लाइन बिछी और टंकी भी बन गई, लेकिन चार महीने से सप्लाई जोड़ने का काम अधूरा पड़ा है।

बोले लोग
मामौर के कामिल ने बताया कि सड़कें खोदकर छोड़ दीं, मरम्मत कराई नहीं। पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। मामौर के सिनना ने कहा कि चार साल से पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई, आज भी हैंडपंपों का ही सहारा है। किशोरपुर के संजय कुमार ने बताया कि दो साल से टंकी का काम बंद है, स्वच्छ पानी मिलने की उम्मीद टूट चुकी है। महावतपुर के धनपाल राणा के अनुसार टंकी और लाइन जोड़ने का काम 4 महीने से लटका है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं। सड़कें खोदकर छोड़ दी है।

किसान दिवस से दिशा की बैठक तक गूंजा मुद्दा
पेयजल योजना में धांधली और उखड़ी सड़कों की समस्या को लेकर जन प्रतिनिधियों और किसान नेताओं में भारी आक्रोश है। तीन दिन पूर्व आयोजित दिशा की बैठक में कैराना सांसद इकरा हसन ने विभिन्न गांवों में टूटी पड़ी पेयजल लाइनों का मुद्दा अफसरों के सामने ठाया था। इसके अलावा किसान दिवस में किसान नेता जाहिद, कालिंदर मलिक और राजन जावला भी कई बार इस मामले को उठाकर अफसरों को घेर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर हालात जस के तस है।
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जल निगम का दावा... इन गांवों पूरा हो चुका कार्य
आदमपुर, अहाता गौसगढ़, आल्दी, बरनौली, औरंगाबाद उर्फ गंदेवड़ा, बधुपुरा गाजीपुरा, बहावडी, बरनावी-पाथर मुकुंदपुर, वेदखेड़ी-पावटी खुर्द, भैंसवाल, भैसानी इस्लामपुर, भनेड़ा जट,भारसी, भोगी माजरा, बीबीपुर हटिया, बुतराड़ा, चढ़ाव, चौसाना समेत 70 गांव।

इन गांवों में अभी भी काम अधूरा
रज्जाक नगर, बिडौली, बीबीपुर, रोटन, गढ़ी हसनपुर, मलकपुर, दरगाहपुर, बल्ला माजरा, सांपला, पंजोखरा देहात, मलकपुर, हथछोया, भूरा, कमालपुर, रशीदपुर, गढ़ी अब्दुल्ला, टिटौली,खेड़ी कर्मू, कासमी, मामौर, अकबरपुर, पंजीठ, भूरा, खुरगान, गढ़ी दौलत, मन्नामाजरा, पावटी कलां, गढ़ी समेत 160 गांव।

दो साल तक बजट न मिलने से काम धीमा पड़ा था। 70 गांवों में काम पूरा हो गया है, 160 गांवों में जारी है। बजट मिलने के साथ ही कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। अब सितंबर 2027 तक पूरा काम समेटने का लक्ष्य है। — फूल कुमार, एक्सईएन, जल निगम, शामली

पड़ताल...किशोरपुर में अधर में लटका टंकी निर्माण कार्य।संवाद

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