शामली। शहर के बने स्टील और एल्यूमिनियम के बर्तनों की मांग लगातार बढ़ रही है। यहां बना बर्तन यूपी के 40 जिले में पहुंच रहा है। उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, गुजरात, जम्मू कश्मीर में भी शामली के बर्तनों की मांग बढ़ी है। जिससे शहर के उद्यमी खुश हैं। जिले में 30- 35 फैैक्ट्ररी चल रही हैं। इनसे डेढ़ सौ करोड़ सालाना टर्न ओवर होता है। शामली का बर्तन उद्योग काफी प्रसिद्ध है। यहां पीतल, तांंबा के बाद स्टील और एल्यूमिनियम का कारोबार बढ़ा है। बर्तन उद्योग से संबंधित करीब 35 फैक्टरियां जिले में हैं। इनमें प्रेशर कूकर, बर्तन, कुएं, डिब्बे आदि कई आइटम बनते हैं। दुर्गा नवरात्र से दीपावली तक बर्तनों की काफी अधिक मांग रहती है। कारोबारी विनीत संगल ने बताया कि स्टील के बने लंच बाॅक्स तैयार करके हरियाणा के रेवाड़ी, पंजाब के लुधियाना में बिक्री के लिए जाते हैं। यहां पर अच्छी खासी मांग रहती है।
एल्यूमिनियम बर्तनों के उद्यमी कुलदीप शर्मा, उद्यमी अनुज गोयल बताते हैं कि उनकी फैक्टरी में भिगौना, पतीली, कढ़ाई, बर्तन, चायदान, प्रेशर कूकर आदि बर्तनो की यूपी कानपुर, इटावा, लखनऊ, सहारनपुर और यूपी के चालीस जिलों में हैं। उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार में भी काफी बर्तन जाते हैं।
15 लीटर प्रेशर कुकर की जबर्दस्त मांग : अएक लीटर से लेकर 15 लीटर तक प्रेशर कुकर तैयार होते है। स्टील बर्तन उद्यमी विनीत गोयल बताते हैं कि स्टील के बाल्टी और भिगौना की मांग लगातार बढ़ रही है। एल्यूमिनियम के बड़े-बड़े 50 किलो सामान रखने के भिगौने यहां रखे जाते हैं।