शामली। नोटबंदी ने एक ओर जहां लोगों को बैंकों और एटीएम के बाहर खडे़ होने के लिए मजबूर किया है, वहीं धीरे-धीरे बाजार का ट्रेंड भी बदल रहा है। शहर के बाजारों में ग्राहक कैशलेस शॉपिंग की ओर बढ़ रहे हैं। बैंकों और एटीएम का झंझट छोड़ ग्राहक डेबिट कार्ड लेकर दुकानों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दुकानदार भी स्वैप मशीन से व्यापार कर रहे हैं। ग्राहकों का बढ़ता रुझान देखकर अन्य दुकानदारों ने भी स्वैप मशीन के लिए आवेदन किया है।
नोटबंदी से परेशान लोगों ने आखिर कैश की किल्लत का समाधान तलाश ही लिया। बृहस्पतिवार को कपड़ों, ज्वेलरी, कास्मेटिक सामान के साथ अन्य घरेलू सामान भी डेबिट कार्ड दुकानों पर स्वैप करके खरीदा। शहर की इलेक्ट्रानिक्स, रेडीमेड गार्मेंट्स, कास्मेटिक, मोबाइल शॉप पर भी जमकर स्वैप मशीनों का प्रयोग हो रहा है।
दुकानदारी हो गई थी ठप, 15 दिन पहले लगाई मशीन
नया बाजार स्थित गोवर्धन कलेक्शन के मालिक राहुल कुमार ने बताया कि नोटबंदी के बाद सामान नहीं बिक रहा था। दुकानदारी ठप हो गई थी। इससे परेशान होकर 15 दिन पहले ही इलाहाबाद बैंक में करंट खाता खुलवाया और दुकान पर स्वैप मशीन लगवाई। जिससे बाद से लोग डेबिट कार्ड का प्रयोग कर खरीदारी कर रहे हैं। काम पहले से बहुत ठीक हो गया है। उनकी दुकान पर खरीदारी करने आई शालिनी शर्मा ने डेबिट कार्ड से खरीदारी की, उन्होंने कहा कि यह सुविधा सभी दुकानों पर होनी चाहिए। अवर ड्रीम हाउस मोबाइल गैलरी पर भी रोहित निवासी काबड़ौत ने डेबिट कार्ड से 15 हजार का मोबाइल खरीदा।
कैशलेस का रुझान देख खुलवाया करंट खाता
शहर में कैश की परेशानी और ग्राहकों का कैशलेस शॉपिंग की ओर रुझान बढ़ता देख संस्कार ज्वेलर्स, रतिराम ज्वेलर्स, न्यू दुर्गा ज्वेलर्स, जोली गार्मेंट्स, गर्ग गार्मेंट्स, कॉलेज बुक डिपो, उत्सव श्रृंगार शॉप के मालिकों ने भी बैंकों में करंट खाता खुलवाया है। सभी व्यापारियों ने बैंकों में स्वैप मशीनों के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
उनका कहना है कि कैश की कमी के चलते उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। लेकिन जिन दुकानों पर स्वैप मशीन लगी हैं, वहां ग्राहकों की खासी भीड़ लगी है। गांवों से आने वाले लोग उनके यही पूछते हैं कि आपके यहां स्वैप मशीन लगी है क्या।