शामली। रंगदारी की धमकियां देकर बदमाशों ने कैराना को अतिसंवेदनशील बना दिया है। कहने को अधिकारियों ने कैराना में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई है तथा पीएसी के जवानों से गश्त कराई जा रही है। बावजूद इसके पुलिसकर्मी नियमों का मखौल उड़ा रहे हैं। कस्बे में ऐसा कोई स्थान नहीं, जहां पुलिस संदिग्ध लोगों की चेकिंग कर रही हो।
भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने पलायन का मुद्दा उठाकर यही कहा कि कैराना में अपराधियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस कतई गंभीरता नहीं बरतती। उसकी बड़ी वजह यही है कि पुलिस नियमों का पालन कराने में लापरवाही बरत रही है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को कैराना में पुलिस की सक्रियता की स्थिति देखी, तो हर चौराहे और मुख्य मार्ग पर नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आईं।
यहां तक कि थाने और चौकी के सामने भी किसी तरह की चेकिंग नहीं की जा रही। दुपहिया वाहनों पर तीन और चार सवारियां बैठकर लोग आते जाते हैं। वाहन चालक हेलमेट तक नहीं लगाते। वहीं, बाइक सवारों के पास बैग (थैले) भी होते हैं, मगर कहीं पर भी पुलिस की तरफ से चेकिंग नहीं कराई जाती।
मुख्य बाजारों में नहीं हुई गश्त
पलायन का मुद्दा दोबारा से सुर्खियां बनने पर पुलिस अधिकारियों ने कैराना में अतिरिक्त फोर्स के रूप में एक प्लाटून पीएसी तैनात कराई। पुलिस और पीएसी के जवानों के मुख्य मार्गों पर गश्त भी कराई गई, लेकिन शनिवार को चौक बाजार, जोड़वा कुआं, मीना बाजार, कटहरा धर्मशाला और सराफा बाजार आदि प्रमुख स्थानों पर पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई।
कैराना में पुलिस सक्रियता बनाए हुए हैं। पीएसी के जवानों से भी गश्त कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है, तो उसे चेक कराकर ठीक किया जाएगा। - विजय भूषण, एसपी
सिर्फ खानापूर्ति होती है
जोड़िया कुआं पर कंफेक्शनरी की दुकान करने वाले विशाल मित्तल का कहना है कि एक दिन पीएसी के जवानों से गश्त कराकर अफसरों ने खानापूर्ति कर दी। पुलिसकर्मी पुतले बनकर खड़े रहते हैं किसी की चेकिंग नहीं की जाती।
सुरक्षा रामभरोसे पर है
सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेश चंद वर्मा का कहना है कि सराफा बाजार ऐसा नजर आता है जैसे कि हम किसी गांव में बैठे हो। सुरक्षा राम भरोसे हो रही है। पुलिस को व्यापारियों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।
पुलिस कुछ नहीं करती
ज्वैलर्स अंचित वर्मा का कहना है कि पुलिस बाजारों के नुक्कड़ चौराहों पर खडंी तो हो जाती है लेकिन किसी बाइक वाले या संदिग्ध की तलाशी लेने की हिम्मत तक नहीं करती। ऐसे में अपराधी पुलिस की आंखों के सामने से ही गुजर भी जाए, तो पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी।
सिर्फ सुरक्षा के बड़े दावे
बाजार बेगमपुरा में सिलाई मशीन की दुकान करने वाले शकील का कहना है कि लोगों के दिलों में पहले से ही भय बना हुआ है। पुलिस अधिकारी सुरक्षा के बडे़ बडे़ दावे करते हैं, लेकिन हकीकत में लापरवाही बनी हुई है।
गश्त के नाम पर दिखावा
जनरल मर्चेंट की दुकान करने वाले संजय कुमार का कहना है कि पुलिस गश्त के नाम पर दिखावा करती है। पुलिस के जवान बदमाशों को पहचानते तक नहीं तो फिर बदमाशों को पकड़ा कैसे जाएगा।