शामली। बल्ला माजरा गांव में बेटे द्वारा पिता की हत्या करने का जिले में कोई पहला मामला नहीं है। जिले में पूर्व में अपनों द्वारा अपनों की हत्याएं होती रही है। हालांकि, पुलिस ने अधिकतर मामलों में आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
बीते 30 दिसंबर को जलालाबाद के उमरपुर गांव में किसान इस्तकार की हत्या कर शव को रजबहे में फेंक दिया गया था। बाद में पुलिस ने इस्तकार की पत्नी जकिया, उसके प्रेमी अबरार, दो अन्य को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि प्रेम प्रसंग में बाधक बनने पर पत्नी ने ही प्रेमी और उसके साथियों संग मिलकर पति की हत्या की थी।
1 फरवरी 2023 को कैराना क्षेत्र के गांव पंजीठ में मां सलमा ने अपने 8 वर्षीय पुत्र मोहम्मद साद, 4 वर्षीय पुत्री मिस्बाह और डेढ़ वर्षीय बेटी मंतशा की जहर देकर कर हत्या कर दी थी।। मृतक बच्चों के पिता मुरसलीन की तहरीर पर पुलिस ने सलमा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
8 अगस्त 2023 को गांव बुच्चाखेड़ी में 1000 रुपये के विवाद में सगे भतीजों धरमू और बलिस्टर ने अपनी चाची 45 वर्षीय बाला देवी की चाकू से गोदकर कर हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
बीते दिसंबर माह मेंं थानाभवन क्षेत्र के गांव काद गढ़ में एक शराबी पिता ने शराब के लिए अपने ही डेढ़ वर्ष के मासूम की जान ले ली थी।
करीब डेढ़ साल पूर्व झिंझाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने बेटी की हत्या कर शव को बिटौडे में जला दिया था। बाद में पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था।
ऊन कसबे में 16 साल पूर्व खेत की नाली की रंजिश को लेकर भाई ने अपनी भाभी राज दुलारी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में तीन भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
बुटराडी गांव में दस साल पूर्व प्रेम प्रसंग के शक में पति ने पत्नी, दो बच्चों को धारदार हथियार से काट दिया था। बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली थी।
2011 में सोंटा गांव में बिजली विभाग के क्लर्क ने पत्नी, तीन बच्चों की हत्या कर दी थी। बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली थी।