शामली। सरकार से पेंशन ले रहे 522 बुजुर्गों की मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनकी पेंशन अभी भी जारी है। समाज कल्याण विभाग द्वारा कराए गए सत्यापन में यह खुलासा हुआ है। पेंशनर्स के परिजनों ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। विभाग की तरफ से रिकवरी नोटिस जारी होने पर उन्हें इसका पता चला। हालांकि विभाग का दावा है कि खातों में गई पेशन को खातों से निकाला नहीं गया है। इसे वापस लिया जाएगा। संबंधित बैंकों को भी रिपोर्ट भेजी गई है ताकि रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू हो सके।
सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रति माह एक हजार रुपये की राशि दी जाती है, जो हर तिमाही के रूप में 3000 रुपये उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। जिले में सवा लाख से अधिक वृद्ध पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद ब्लॉक स्तर पर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया गया, जो एक महीने से अधिक चला। जांच में पाया गया कि 522 ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी मृत्यु के बावजूद पेंशन खाते में जमा होती रही, हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि इन खातों से पैसे नहीं निकाले गए हैं, लेकिन बैंकों से रिकवरी कराई जाएगी।
सीडीओ ने क्या कहा
मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि मृतकों के खातों में पेंशन भेजे जाने की पुष्टि हुई है। आगे से इन खातों में पेंशन नहीं भेजी जाएगी और अब इनसे राशि की वसूली की जाएगी।
कुछ मामलों की बानगी
केस-1: गढ़ी हसनपुर की विद्या देवी की मृत्यु के बाद भी उनके खाते में पेंशन भेजी जा रही थी। अब परिजनों को रिकवरी नोटिस मिला है।
केस-2: गंगेरू गांव के पाला के निधन के बाद भी पेंशन जारी रही, अब नोटिस जारी हुआ है।
केस-3: सहपत गांव के रामधन के खाते में मृत्यु के बाद भी पेंशन भेजी गई।
पहले भी सामने आए थे मामले
तीन माह पूर्व भी ऐसे 250 से अधिक मामलों में नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें अधिकांश से वसूली की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
समाज कल्याण विभाग अब हर लाभार्थी के समय-समय पर सत्यापन कराता है।