शामली कलक्ट्रेट सभागार में बैठक लेती डीएम जसजीत कौर
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जनवरी तक का भुगतान अगस्त में करेंगी मिलें
शामली। गन्ना भुगतान को लेकर बुलाई गई चीनी मिल अधिकारियों की बैठक में जनवरी तक का भुगतान अगस्त में करने की कार्ययोजना दी गई है। डीएम ने तय तिथि तक भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिले की तीनों शुगर मिलों पर करीब 758.45 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में चीनी मिल शामली के प्रतिनिधि ने बताया कि पेराई सत्र 2019-20 में मिल ने 120.14 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जिसका भुगतान 388.54 करोड़ बनता है। इसके सापेक्ष 147.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। मिल ने कुल बकाया का 38.07 प्रतिशत तथा 17 जनवरी 2020 तक खरीदे गन्ने का भुगतान किया है। ऊन मिल ने 105.06 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जिसका भुगतान 337.22 करोड बनता है, लेकिन इसमें से 138.65 करोड़ यानी 41.12 प्रतिशत भुगतान हुआ है। मिल ने 15 जनवरी 2020 तक खरीदे गन्ने का भुगतान दिया है। थानाभवन मिल ने 152.92 लाख क्विंटल गन्ने की जिसका कुल भुगतान 490.82 करोड़ होता है, इसमें से 171.57 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है जो 34.96 प्रतिशत है। मिल ने दस जनवरी 2020 तक खरीदे गन्ने का ही भुगतान दिया है। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। शामली चीनी मिल ने पांच अगस्त तक, ऊन मिल ने 31 जुलाई तक थानाभवन मिल ने 15 अगस्त तक जनवरी 2020 तक खरीदे गन्ने का भुगतान करने का आश्वासन दिया है। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि तय तिथि पर भुगतान नहीं किया गया तो मिल के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीसीओ विजय बहादुर सिंह, शामली मिल क जीएम डा. कुलदीप पिलानिया, एकाउंटहेड विजित जैन, ऊन मिल से जीएम केन अनिल कुमार अहलावत, एकाउंट हेड विक्रम, थानाभवन मिल से यूनिट हेड वीरपाल सिंह, जीएम केन जेबी तोमर एवं एकाउंट हेड सुभाष बहुगुणा मौजूद रहे।